एफबीआई ने भारत को सबूत सौंपे, पाक को जवाब का इंतजार (लीड-2)
मुंबई पुलिस के अधिकारियों का एक दल अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) द्वारा मुंबई हमलों के बारे में सौंपे गए महत्वपूर्ण सबूतों के साथ स्वदेश रवाना हो गया। इन सबूतों में ऐसे संकेत हैं कि मुंबई में गत 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमलों की योजना पाकिस्तान में बनी थी।
इस बीच अमेरिका ने स्पष्ट किया है वह मुंबई हमलों के एकमात्र जिंदा आरोपी आमिर अजमल कसाब को भारत से पाकिस्तान प्रत्यर्पित करने के मामले में दखल नहीं देगा।
मुंबई पुलिस के उप महानिरीक्षक देवेन भारती के नेतृत्व वाला तीन सदस्यीय भारतीय दल बुधवार को वापस मुंबई रवाना हो गया। उसे जो जानकारी मुहैया कराई गई है उसमें यह भी शामिल है कि किस तरह मुंबई के हमलावर, कराची स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आकाओं के संपर्क में थे।
एफबीआई ने जो सबूत मुहैया कराए हैं उनमें वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) और आतंकवादियों द्वारा प्रयोग में लाए गए ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम के दस्तावेज शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त मुंबई में हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई गोलियों की एफबीआई द्वारा की गई फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट भी इन सबूतों में शामिल हैं।
एफबीआई की ओर से उपलब्ध कराए गए यह सबूत पाकिस्तान के उन दावों को कमजोर करेंगे, जिनमें कहा गया था कि मुंबई हमलों का षड्यंत्र पाकिस्तान में नहीं रचा गया।
इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता गोर्डन डुगिड ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका मुंबई हमलों के दोषियों को न्यायिक अंजाम तक पहुंचाने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है। कसाब के प्रत्यर्पण के मामले में उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि यह भारत और पाकिस्तान का आपसी मामला है।
उधर पाकिस्तान ने कहा कि मुंबई हमले की प्रारंभिक जांच के बाद उठाए गए सवाल पर उसे अभी भी भारत के जवाब का इंतजार है।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "पाकिस्तान का यह हमेशा से ध्येय रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एवं मतभेद सौहार्दपूर्ण माहौल में आपसी बातचीत के जरिये सुलझाए जाने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का यह अटूट विश्वास है कि दक्षिण एशिया में युद्ध के लिए कोई स्थान नहीं है।
बासित ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद एवं उपद्रव को खत्म करने के लिए हर संभव उपाय करेगा और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता लाना उसकी प्राथमिकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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