सत्यम को कोई आर्थिक मदद नहीं : प्रणब (लीड-1)
राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार कंपनी को आर्थिक मदद नहीं दे रही है। अगर पेशेवर ढंग से चलाया जाए तो कंपनी के पास संचालन के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि अनेक अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों वाली इस प्रतिष्ठित कंपनी को अगर पेशेवर ढंग से चलाया जाए तो यह दोबारा स्थापित हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि सत्यम के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष बी. रामलिंगा राजू द्वारा कंपनी में 70 अरब रुपये के घोटाले की बात स्वीकार किए जाने के बाद से सरकार ने इसके बोर्ड को बदल कर उसमें नए सदस्य नामित करने व मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने जैसे कई कदम उठाए हैं।
मुखर्जी ने कहा कि सीबीआई के अतिरिक्त गंभीर अपराध जांच कार्यालय (एसएफआईओ) व भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) भी मामले की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि आंध्र प्रदेश की सरकार सत्यम घोटाले के आरोपियों को बचाने के लिए जांच कार्य में हस्तक्षेप कर रही है।
मुखर्जी ने कहा, "जांच कार्य में हस्तक्षेप का प्रश्न ही नहीं उठता। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने का वादा किया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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