अमेरिकाः कर्मचारियों के लिए नई शर्तें

How does the Stimulus Bill affect H-1b
स्टीम्युलस बिल के नाम से प्रचलित अमेरिकन रिकवरी एंड री-इनवेस्टमेंट एक्ट 2009 आखिर एच-1 हायरिंग और ग्रीन कार्ड धारकों के बारे में क्या कहता है?

इसे लेकर इस कदर भ्रम की स्थिति है और लोगों में इसके बारे में जानने की इतनी उत्कंठा है कि अकेले मुझे इस बाबत सैकड़ों मेल रोजाना पहुंच रहे हैं। यह सब देखते हुए मैंने ही शेर की मांद में जाने की हिम्मत जुटाई और इस बारे में कुछ तथ्य एकत्रित कर सका। अब मैं उन्हें आपके सामने रखता हूं।

पहला यह अगर कोई नियोक्ता टीएआरपी फंडिग रिसीव करता है तो वह नए एच-1 बी वीसा वाले कर्मचारियों को रख सकता है, शर्त यह है कि उसे कुछ मूलभूत औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ेगा। ध्यान दें कि इस एक्ट से एच-1 वीसा वाले कर्मचारी प्रभावित नहीं होंगे। यह भी गौरतलब है कि इसका असर मौजूदा ग्रीनकार्ड धारकों और भविष्य में इसके लिए प्रस्तुत की जाने वाले एप्लीकेशंस पर भी नहीं होगा।

ध्यान रखें कि ये औपचारिकताएं उन्हीं नियोक्ताओं के लिए होंगी जिनके प्रतिष्ठान में एच-1 कर्मचारियों की एक निश्चित संख्या है। टीएआरपी के अधीन कंपनियों के लिए कुछ अतिरिक्त नियम इस प्रकार हैं:

वे किसी यूएस कर्मचारी को हटाएंगे नहीं अथवा जहां इस तरह की फेरबदल होगी किसी एच-1 बी वीसा वाले कर्मचारी को रखेंगे। उन्हें यूएस कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर उनके बीच पर्याप्त भरोसा बनाना होगा। टीएआरपी नियोक्ता यदि बाहर से कर्मचारियों को भर्ती करते हैं तो वे इन शर्तों का पालन करने को बाध्य होंगे।

एच-1 बी कर्मचारियों की नियुक्ति में लागू यह नई शर्तें अमेरिकन प्रेसिडेंट के बिल पर हस्ताक्षर करने के बाद से दो साल तक लागू रहेंगी।

(यह जानकारी जाने-माने यूएस इमीग्रेशन लॉयर राजीव एस. खन्ना के आलेख पर आधारित है।)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+