संजय नहीं गए अपने 'घर' तक

लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे अभिनेता संजय दत्त अपनी जड़ों की तलाश में ख़ाक छानने तो निकले पर अपने 'घर' तक नहीं गए.
संजय बुधवार को लखनऊ के मुहल्ले अमीनाबाद के मशूहर बाज़ार गड़बड़झाला के बग़ल में स्थित 'गन्ने वाली गली' का दौरा करने वाले थे.
लेकिन उनका रोड शो अमीनाबाद के मुख्य सड़क से ही वापस हो गया और वो 'गन्ने वाली गली' नहीं गए. 'गन्ने वाली गली' के मकान नंबर 102 को संजय के पिता सुनील दत्त ने बँटवारे के समय पाकिस्तान से आने के बाद अपना आशियाना बनाया था.
सुनील दत्त ने इस मकान में लगभग चार वर्ष गुज़ारे थे और उन दिनों वे आकाशवाणी लखनऊ में काम किया करते थे.
ख़ुशी के बाद निराशा
संजय दत्त के गन्ने वाली गली में आने की ख़बर के बाद लोगों में काफ़ी जोश देखा जा रहा था और बड़ी तादाद में लोग फूल मालाएँ लेकर उनके आने का इंतज़ार कर रहे थे.
लेकिन जब तीन घंटे के इंतज़ार के बाद वो अमीनाबाद से ही लौट गए तो उनके ख़िलाफ़ नारे भी लगे. कहा जा रहा है कि सुरक्षा के मद्दे नज़र संजय दत्त गन्ने वाली गली में नहीं गए.
कभी गन्ने वाली गली में सुनील दत्त को रहने के लिए जगह देनी वाली एक वरिष्ठ महिला इंद्र कौर संजय के आने की ख़बर काफ़ी ख़ुश थीं लेकिन उनके नहीं आने से उन्हें निराशा हुई है.
उन्होंने बताया कि सुनील दत्त 1947 से 1951 के बीच इस मोहल्ले में रहे थे.
जड़ों की तलाश
संजय अपनी जड़ों की तलाश के सफ़र में एक ऐसे वक़्त निकले हैं जब उन पर 'बाहरी उम्मीदवार' होने का इल्ज़ाम लगाया जा रहा है. ग़ौरतलब है कि संजय दत्त समाजवादी पार्टी की टिकट पर लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं.
उनकी इस घोषणा से बहन और कांग्रेस की सांसद प्रिया दत्त अपनी नाराज़गी जता चुकी हैं. संजय दत्त लखनऊ प्रवास के दूसरे दिन सपा के कार्यक्रताओं और पार्टी के पदाधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे. साथ ही वो लखनऊ से प्रमुख डॉक्टरों से भी मिलेंगे.
इस दौरान सपा महासचिव अमर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और अन्य कई नेता मौजूद रहेंगे. गत आठ जनवरी को सपा नेता अमर सिंह ने यह घोषणा करके लोगों को चौंका दिया था कि संजय दत्त लखनऊ से उनकी पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.


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