आयोग ने लगाया एक्ज़िट पोल पर रोक

आयोग के अनुसार एक ही चरण में होने वाले चुनावों में मतदान से 48 घंटों पहले मतदाताओं के बीच किए गए जनमत सर्वेक्षण के नतीजे प्रकाशित-प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे जबकि कई चरणों में होने वाले चुनावों के लिए पूरे चुनाव के दौरान यह प्रतिबंध लागू होगा.
निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का पालन करते हुए मंगलवार को इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी पिछले साल अक्तूबर में फ़ैसला किया था कि चुनाव ख़त्म होने से पहले एक्ज़िट पोल के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगा दिया जाए ताकि इससे मतदाता प्रभावित न हों.
हालांकि इसके लिए संसद में विधेयक को मंज़री मिलना अभी शेष है.
भारत के सभी बड़े राजनीतिक दल बहुत पहले से एक्ज़िट पोल पर रोक लगाने के पक्ष में रहे हैं.
दो साल पहले चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव का हवाला देते हुए चुनाव का अंतिम चरण पूरा होने से पहले एक्ज़िट पोल के नतीजों का प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगा दी थी.
लेकिन मीडिया कंपनियों की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने इस आदेश को ख़ारिज कर दिया था.
दिशा-निर्देश
निर्वाचन आयोग ने मीडिया के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा है, "चुनाव के दौरान यदि मतदाताओं के बीच जनमत सर्वेक्षण किया गया है तो एक चरण में होने वाले चुनावों में इसका प्रकाशन या प्रसारण पर मतदान ख़त्म होने के 48 घंटों पहले से रोक लग जाएगी."
कई चरण में होने वाले चुनाव के लिए यह रोक अंतिम चरण का मतदान ख़त्म होने तक जारी रहेगी निर्वाचन आयोग
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आयोग के अनुसार, "यह रोक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक सहित सभी तरह के मीडिया पर लागू होगी."
निर्वाचन आयोग ने कहा है, "कई चरण में होने वाले चुनाव के लिए यह रोक अंतिम चरण का मतदान ख़त्म होने तक जारी रहेगी."
अपने दिशा निर्देश में आयोग ने कहा है कि यह रोक एक साथ कई राज्यों के चुनावों के लिए भी लागू होगी.
यह रोक सरकारी और निजी सभी मीडिया पर लागू होगी जिसमें पत्र-पत्रिकाएँ, रेडियो, टेलीविज़न, सैटेलाइट, डीटीएच और केबल चैनल शामिल हैं.
इस दौरान सर्वेक्षणों के नतीजों को पोस्टरों और पर्चों से भी नतीजों का प्रकाशन नहीं किया जा सकेगा.
मीडिया कंपनियाँ इस तरह की रोक के ख़िलाफ़ रही हैं.


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