भारत आरोपियों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई
(लीड-1)
नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 18 फरवरी (आईएएनएस)। युद्ध के विकल्प को खारिज करते हुए भारत ने बुधवार को पाकिस्तान से मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ विश्वसनीय व प्रामाणिक कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर इस्लामाबाद ने भारत से हमले में शामिल एक मात्र जिंदा बचे आरोपी अजमल आमिर कसाब की हिरासत की मांगी है।
पाकिस्तान की इस मांग पर तत्काल अपनी प्रतिक्रिया में विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "पहले आधिकारिक निवेदन आ जाने दीजिए, फिर मैं उस पर अपना जवाब दूंगा।"
उधर इस्लामाबाद में उप महान्यायाधिवक्ता मुहम्मद गाजी ने कहा, "पाकिस्तान सरकार ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से अजमल आमिर कसाब की हिरासत के लिए आग्रह किया है, क्योंकि वह प्रमुख आरोपी है और पाकिस्तान में पकड़े गए अन्य आतंकी इस मामले में सहयोगी आरोपियों के रूप में हैं।"
गाजी ने आगे कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि भारत सरकार इस निवेदन पर विचार करेगी, क्योंकि कसाब को पाकिस्तान लाए बगैर बाकी अन्य आरोपियों पर मुकदमा चला पाना बहुत कठिन होगा।"
इससे पूर्व इस्लामाबाद द्वारा मुंबई हमले में पाकिस्तानी नागरिकों की भूमिका स्वीकार किए जाने के एक सप्ताह बाद मुखर्जी ने लोकसभा में कहा, " हमारी कूटनीति विफल नहीं हुई है। कूटनीति सफल साबित हुई है।"
मुखर्जी ने यह बात विपक्ष की उस आलोचना के जवाब में कही, जिसमें विपक्ष की ओर से कहा गया था कि सरकार ने मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ पर्याप्त दबाव नहीं बनाया।
मुखर्जी ने कहा, "हमने इकतरफा कंधा नहीं झटका। हमने तूफान का कोई बटन नहीं दबाया।"
इस्लामाबाद की ओर से मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ प्रामाणिक व विश्वसनीय कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए मुखर्जी ने कहा, "हम पाकिस्तान से यह मांग लगातार जारी रखेंगे।"
मुखर्जी ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता है। जबकि कई पार्टियों ने मुंबई हमले के बाद सरकार को सैन्य कार्रवाई की सलाह दी है।
मुखर्जी ने कहा कि तमाम उकसावे के बाद भी भारत मानवाधिकारों को महत्व देता है।
ज्ञात हो कि पाकिस्तान ने 12 फरवरी को स्वीकार किया था कि मुंबई हमले की योजना का कुछ हिस्सा उसकी धरती पर तैयार किया गया था। उसने इस सिलसिले में जांच के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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