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सीआरपीसी संशोधन के खिलाफ 10,000 वकीलों ने निकाला जुलूस

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नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संशोधन के खिलाफ लगभग 10,000 वकीलों ने इंडिया गेट से संसद भवन तक बुधवार को जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। जुलूस के कारण एक तरफ यातायात प्रभावित हुआ, तो दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी की निचली अदालतों में कामकाज नहीं हो पाया।

आल बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संतोष मिश्र ने आईएएनएस को बताया, "हमें वकीलों से पूरा सहयोग मिला और वे जिला अदालतों में नहीं गए। लगभग 10,000 से भी अधिक वकीलों ने जुलूस में हिस्सा लिया। हम गृह मंत्री को सीआरपीसी में संशोधन को लेकर अपनी आपत्तियों के बार में एक ज्ञापन देने जा रहे हैं। अपनी भविष्य की योजना तय करने के पहले हम उनके जवाब का इंतजार करेंगे।"

मिश्र ने कहा, "ये वकील जयपुर, उदयपुर, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ तथा देश के अन्य हिस्सों से आए हुए हैं।"

इंडिया गेट से लगभग 12.30 बजे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अपराह्न् तीन बजे तक चलता रहा।

इस बीच दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने संशोधन के विरोध में एक दिन की भूख हड़ताल रखी। लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय में कामकाज प्रभावित नहीं हुआ।

उल्लेखनीय है कि सीआरपीसी में संशोधन के मुताबिक सात साल तक की सजा के प्रावधान वाले अपराधों में पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर सकती है।

संशोधन के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान के तहत भोपाल में जिला अभिभाषक संघ ने काम काज ठप रखने की बजाए काली पट्टी बांधकर न्यायालय की कार्रवाई में हिस्सा लिया।

छतरपुर के अधिवक्ता जितेन्द्र मिश्र ने बताया कि छतरपुर सहित आसपास के जिलों में वकीलों ने न्यायालय की कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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