पिता के पद चिह्नें पर चलकर समाजसेवा करूंगा : संजय दत्त (लीड-1)

लखनऊ के ताज होटल में बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त को एक समाजसेवी बताते हुए कहा कि वह अपने पिता की ही तरह लोगों के सेवा करेंगे, राजनीति नहीं। दत्त ने कहा कि लखनऊ से मेरे परिवार का पुराना रिश्ता है। इस शहर ने मेरे पिता को रोटी दी है और इसीलिए मैं यहां से चुनाव लड़कर वह कर्ज चुकता करना चाहता हूं।

चुनाव में उनका मुद्दा क्या होगा? इस सवाल पर संजय ने कहा कि गांधीगीरी। ज्यादा कुछ बताने से बचते हुए उन्होंने कहा कि अभी से सब बता दूंगा तो विपक्ष वाले तैयार हो जाएंगे।

संजय ने उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत दे देगा क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। विपक्षी दलों द्वारा उनके खिलाफ किसी सिने अभिनेता को उम्मीदवार बनाये जाने से सवाल पर संजय ने कहा कि बॉलीवुड एक परिवार की तरह है, वहां के लोग एक दूसरे के खिलाफ नहीं आएंगे। उन्होंने जोर दिया कि मेरे पिता ने हेमामालिनी और विनोद खन्ना का कभी विरोध नहीं किया और न ही उनके खिलाफ कभी कोई बयान दिया।

कल्याण सिंह की सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से दोस्ती के सवाल पर संजय ने कहा कि कल्याण सिंह बड़े नेता हैं। उन्होंने बाबरी मुद्दे पर माफी मांग ली है। उनकी दोस्ती से सपा मजबूत होगी और सांप्रदायिक ताकतें कमजोर होंगी।

इससे पहले संजय लखनऊ में कैप्टन रिजवी परिवार से मिले जिसके साथ उनके पिता सुनील दत्त ने कई साल गुजारे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दत्त साहब हमेशा कहते थे कि हमारा एक परिवार लखनऊ में भी है। हमें पुराने घर की याद आती थी पर इस बीच कुछ हादसे हो गए इसलिए 35 साल तक नहीं आ पाया।

अपनी पत्नी मान्यता के साथ संजय दत्त शहर के जापलिंग रोड स्थित कैप्टन सिकंदर रिजवी के घर पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे रिजवी परिवार से मुलाकात की। वहां पहुंचकर मुन्नाभाई भावुक हो गए और टपोरी वाले अंदाज में बोले अपुन बहुत खुश है इधर आके।

इस दौरान कैप्टन सिकंदर रिजवी की दोनों बहनें जिन्हें संजय दत्त बुआ बुलाते हैं, ने मान्यता दत्त को मुंह दिखाई दी। मान्यता ने पैर छूकर पूरे रिजवी परिवार से आशीर्वाद लिया और कहा कि वह अपने ससुराल के लोगों से मिलकर बहुत खुश हैं।

उधर अमीनाबाद की गóो वाली गली स्थित रिजवी परिवार के पुश्तैनी घर में लोगों का हुजूम सुबह से संजय दत्त का इंतजार कर रहा था। मुन्नाभाई के वहां न पहुंचने के खबर के बाद लोगों ने उग्र होकर हंगामा किया और संजय दत्त के खिलाफ नारे लगाए। उग्र भीड़ ने संजय दत्त को पहनाने वाली पगड़ी और फूलमालाओं को तोड़कर नाली में फेंक दिया। हालांकि वहां मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें समझाने बुझाने की कोशिश की लेकिन आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा किया। इस पर संजय दत्त ने कहा कि मैं समय निकालकर रिजवी परिवार के अमीनाबाद की गóो वाली गली स्थित पुश्तैनी घर जाऊंगा, जहां मेरे पिता सुनील दत्त रहा करते थे।

सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के मुताबिक संजय दत्त ने विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, महासचिव अमर सिंह और सांसद जयाप्रदा के साथ कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया संजय दत्त का महानगर इलाके में शहर के जाने-माने डॉक्टरों से मिलने का भी कार्यक्रम है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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