'भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बायोटेक खेती करने वाला देश'
इंटरनेशनल सर्विस फॉर द एक्वीजिशन ऑफ एग्री-बायोटेक अप्लाइंसेस (आईएसएएए) द्वारा जारी सालाना वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2008 में देश में 76 लाख हेक्टेयर भूमि पर वाणिज्यिक बायोटेक फसल उगाई गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के कुल कपास उत्पादन में 82 फीसदी हिस्सेदारी बायोटेक कपास (बीटी कॉटन) की है और वर्ष 2008 में देश के करीब 50 लाख किसानों ने बीटी कॉटन की फसल लगाई।
आईएसएएए के संस्थापक अध्यक्ष क्लाइव जेम्स ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आने वाले 50 वर्षो में दुनिया की खाद्य जरूरतें बहुत बढ़ने वाली है। इससे निपटने के लिए बायोटेक फसलें बेहतरीन विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों की कम आवश्यकता और अधिक उपज के कारण बायोटेक फसलें किसानों में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं
आईएसएएए द्वारा जारी इस रिपोर्ट में अमेरिका का पहला स्थान है जहां लगभग 6.25 करोड़ हेक्टेयर भूमि पर बायोटेक फसलें उगाई जाती हैं। अर्जेटीना दूसरे और ब्राजील तीसरे स्थान पर है। कनाडा को इस सूची में पांचवा स्थान मिला है।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में दुनिया भर में 25 देशों के लगभग 1.33 करोड़ किसान बायोटेक फसलें उपजाते हैं और वर्ष 2008 के दौरान मिस्र और बुरकीना फासो समेत तीन अफ्रीकी देश इससे जुड़ गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications