संसद में दिल्ली यातायात मामले पर फंसे चिदंबरम
चिदंबरम ने प्रश्नकाल के दौरान करीब 10 मिनट तक इस बात की व्याख्या की कि क्यों सड़कों पर पैदल यात्रियों का अधिकार वाहन वालों से अधिक है और इसको सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने क्या किया है।
प्रश्न का केंद्र बिंदु संसद भवन से मुश्किल से एक किलोमीटर दूर गोल डाकघर है, जहां पांच सड़कें मिलती हैं। इसको पार करना पैदल यात्रियों के लिए किसी दु:स्वप्न से कम नहीं है।
चिदंबरम ने कहा कि गोल डाकघर को कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जा सकता क्योंकि यह हेरिटेज इमारत है। वहां यातायात को सिग्नलों से नियंत्रित नहीं किया जा सकता इसलिए वहां यातायात पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई है।
यातायात के कम दबाव वाले समय में यहां यातायात पुलिसकर्मी हर ढाई मिनट पर पैदल यात्रियों के सड़क पार करने के लिए 20 सेकेंड के लिए यातायात को रोक देते हैं। पुलिस आयुक्त से इस सिलसिले को यातायात के दबाव वाले समय में भी जारी रखने को कहा जाएगा।
यह प्रश्न इस इलाके में रहने वाले राष्ट्रीय जनता दल के सांसद राजनीति प्रसाद ने उठाया था। उनका कहना था कि उनके पास कार नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में है। दिल्ली पुलिस को विभाजित करके कानून और व्यवस्था तथा यातायात दिल्ली राज्य के अधीन करने और अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा गृह मंत्रालय के अधीन करने का प्रस्ताव है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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