पाकः अब शरिया कोर्ट में होगी सुनवाई

गौरतलब है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने स्वात घाटी सहित पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) के कुछ हिस्सों में शरिया कानून लागू करने की इज़ाज़त दे दी है।
लंबे समय से तालिबान द्वारा खान मलकंद क्षेत्र में शरिया कानून लागू किए जाने की मांग को लेकर हो रही हिंसा को देखते हुए राष्ट्रपति ज़रदारी ने तालिबान समर्थक तहरीक-ए-निफाज-ए-शरिया-ए-मोहम्मदीन (टीएनएसएम) के मौलाना सफी मुहम्मद खान के साथ शांति समझौता करते हुए इसे मंजूरी दी।
उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत के स्वात सहित मलकंद क्षेत्र में जारी निजाम-ए-आदिल कानून, प्रांत शासित आदिवासी इलाकों (पीएटीए) में जिला व कार्यकारी दंडाधिकारियों पर भी लागू होगा।
यह कानून वर्ष 1999 के उस निजाम-ए-आदिल कानून का स्थान लेगा, जिसने वर्ष 1994 के पीएटीए निफाज-ए-निजाम-ए-शरियत कानून का स्थान लिया था।
फिलहाल, पीएटीए के विभिन्न अदालतों द्वारा किए गए फैसलों के खिलाफ पेशावर उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की जाती थीं।
प्रांतीय सूचना मंत्री इफ्तिखार हुसैन ने कहा कि अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) की सरकार अब आतंकवादियों और एक बड़े जिरगा संगठन टीएनएसएम के नेताओं से वार्ता करेगी।
तालिबान ने वार्ता के लिए 10 दिन के संघर्ष विराम की घोषणा की है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने न तो इस खबर की पुष्टि की और न इसका खंडन ही किया। उन्होंने कहा कि जिरगा बैठक के बाद ही आधिकारिक बयान जारी होगा


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