सत्यम घोटाले की सीबीआई जाँच

सत्यम घोटाले की जाँच की ज़िम्मेदारी सीबीआई को सौंपने का रास्ता साफ़ हो गया है. आंध्र सरकार ने केंद्र से जाँच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है.
आंध्र प्रदेश गृह मंत्री के जना रेड्डी ने सोमवार को मीडिया को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने इसकी जाँच सीबीआई के हवाले करने संबंधी शासनादेश 13 फरवरी को जारी कर दिया है.
सत्यम के प्रवर्तक बी रामलिंगा राजू के कंपनी के खातों में हेराफेरी और मुनाफ़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की बात स्वीकार करने के क़रीब एक महीने बाद प्रदेश सरकार ने ये फ़ैसला किया.
इसके पहले राज्य के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसकी सीबीआई जाँच की माँग की थी. इस पर कारपोरेट मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा था कि राज्य सरकार को इसके लिए औपचारिक सिफ़ारिश करनी चाहिए.
धोखाधड़ी
सात जनवरी, 2009 को सत्यम के प्रवर्तक और पूर्व चेयरमैन बी रामलिंगा राजू ने कंपनी में 7800 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी स्वीकार करते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था.
फिलहाल देश की इस चौथी बड़ी आईटी कंपनी में हुई हेराफेरी की जाँच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) समेत कई अन्य एजेंसियों कर रही हैं.
इसमें सेबी, रजिस्ट्रार आफ कंपनीज, आंध्र प्रदेश सीआईडी, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय भी शामिल हैं. इस समय रामलिंगा राजू, उनके भाई रामा राजू और कंपनी के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी वी श्रीनिवास जेल में बंद हैं.
दूसरी ओर केंद्र सरकार ने सत्यम का बोर्ड भंग कर उसकी जगह नया निदेशक मंडल नियुक्त कर दिया था और मामले की जाँच के आदेश दे दिए थे.


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