'अमरीका को ज़रूरत है, रवैया समझेगा'

पाकिस्तान में हुए मिसाइल हमलों की प्रधानमंत्री यूसुफ़ गिलानी ने निंदा की है. विदेश मंत्री महमूद क़ुरैशी को उम्मीद है कि अमरीका पाकिस्तान का रुख़ समझेगा.
पाकिस्तान के अफ़ग़ान सीमा से सटे कुर्रम क्षेत्र में हाल में हुए अमरीकी मिसाइल हमले में आठ लोग मारे गए थे. अधिकारियों ने निशाना बनाई गई इमारत को तालेबान का भर्ती केंद्र बताया था. इससे पहले शनिवार को दक्षिणी वज़ीरिस्तान में एक घर को निशाना बना कर किए गए मिसाइल हमले में 25 लोग मारे गए थे.
पाकिस्तान अमरीका के समक्ष अपना नज़रिया रख रहा है. अमरीका को चरमपंथ से लड़ने के लिए पाकिस्तान की ज़रूरत है और हमें नहीं लगता कि वह पाकिस्तान की बात पर कान नहीं धरेगा विदेश मंत्री क़ुरैशी
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'अमरीका कान धरेगा'
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बीबीसी उर्दू को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हाल में अमरीकी राष्ट्रपति के दूत रिचर्ड हॉलब्रुक के साथ भी इस मसले पर बात हुई है.
उनका कहना था कि वे भी जल्द ही अमरीका जाएँगे और इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे.
उनका कहना था, "पाकिस्तान अमरीका के समक्ष अपना नज़रिया रख रहा है. अमरीका को चरमपंथ से लड़ने के लिए पाकिस्तान की ज़रूरत है और हमें नहीं लगता कि वह पाकिस्तान की बात पर कान नहीं धरेगा. "
ऐसे हमले आतंकवाद को बढ़ावा दे सकते हैं. ये पाकिस्तान के हित में नहीं हैं. राष्ट्रपति ओबामा के चुनाव का मतलब है कि अमरीकी इस क्षेत्र में भी नीतियों में बदलाव चाहते हैं प्रधानमंत्री गिलानी
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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अफ़ग़ानिस्तान में अतिरिक्त फ़ौजें तैनात करने के बारे में क़ुरैशी का कहना था, "हम समझते हैं कि इसी के साथ आम लोगों के सहयोग की भी ज़रूरत है. राजनीतिक स्तर पर बातचीत, सामाजिक तालमेल और आर्थिक मुश्किलों को हल करके ही आगे बढ़ा जा सकता है."
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पहले ही कुर्रम हमले की निंदा करते हुए कहा, "ऐसे हमले आतंकवाद को बढ़ावा दे सकते हैं. ये पाकिस्तान के हित में नहीं हैं."
उनका कहा था कि राष्ट्रपति ओबामा के चुनाव का मतलब है कि अमरीकी इस क्षेत्र में भी नीतियों में बदलाव चाहते हैं, लेकिन ये देखना होगा कि ये नीतियाँ कब बदलेंगी.


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