मोबाइल फ़ोन अनेक, चार्जर एक

दुनिया की बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनियों और नेटवर्क ऑपरेटर ऐसे चार्जर पर सहमत हो गए हैं जो हर ब्रांड के फ़ोन को चार्ज करेगा.
अभी तक एक ब्रांड का चार्जर दूसरे के काम नहीं आता जिसकी वजह से लोगों को कई बार काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
मोबाइल नेटवर्कों के विश्वव्यापी संगठन जीएसएम एसोसिएशन का कहना है कि यह नया चार्जर मौजूदा चार्जरों के मुक़ाबले बिजली की पचास प्रतिशत कम खपत करेगा.
जिन कंपनियों ने इस यूनिवर्सल चार्जर के निर्णय को अपना समर्थन दिया है उसमें नोकिया, मोटोरोला, सैमसंग, सोनी एरिक्सन, एलजी जैसे बड़े मोबाइल निर्माता शामिल हैं.
हम इस योजना को इसलिए समर्थन दे रहे हैं ताकि लोगों को हर नए फ़ोन नया चार्जर न लगाना पड़े, ऐसा करके हम लोगों को सुविधा देने के साथ ही बर्बादी को रोककर पर्यावरण की दृष्टि से अच्छा काम कर पाएँगे मित्ती स्टॉर्कोविस
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उम्मीद की जा रही है कि 2012 तक दुनिया भर के सभी नए मॉडल वाले फ़ोन एक ही चार्जर से चार्ज हो सकेंगे.
जीएसएम एसोसिएशन के मार्केटिंग निदेशक माइकल ओ हारा कहते हैं, "यह एक व्यापक समझौता है जिसका उद्देश्य पूरी दुनिया एक समान चार्जर का उपयोग प्रचलित करना है जो ऊर्जा के उपयोग के मामले में काफ़ी बेहतर होंगे."
नोकिया के वरिष्ठ अधिकारी मित्ती स्टॉर्कोविस ने कहा, "हम इस योजना को इसलिए समर्थन दे रहे हैं ताकि लोगों को हर नए फ़ोन नया चार्जर न लगाना पड़े, ऐसा करके हम लोगों को सुविधा देने के साथ ही बर्बादी को रोककर पर्यावरण की दृष्टि से अच्छा काम कर पाएँगे."
बताया गया है कि मिनी यूएसबी प्लग को साझा-सर्वमान्य चार्जर के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा.
यूरोपीय आयोग लंबे समय से मोबाइल निर्माताओं पर दबाव डाल रहा था कि वे एक ऐसा चार्जर सामने लाएँ जो हर फ़ोन के साथ काम करे.
यूरोपीय आयोग के औद्योगिक मामलों के प्रमुख गुंटर वेरह्यूगन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यूरोप में इस समय 30 तरह के मोबाइल चार्जर प्रचलन में हैं जिनकी कोई ज़रूरत नहीं है.
जीएसएम एसोसिएशन का कहना है कि एक समान चार्जर का इस्तेमाल शुरू हो जाने के बाद सिर्फ़ यूरोप में ही तरह-तरह के लाखों चार्जर कूड़ेदान में जाएँगे जिनका वजह लगगभग 50 हज़ार टन होगा.


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