सत्यम मामले में जेसीपी की मांग

प्रश्नकाल के दौरान यह पूछे जाने पर कि जिस समय एक संयुक्त संसदीय समिति की जांच की आवश्यकता थी तब केंद्रीय जांच ब्यूरो को मामले की जांच क्यों सौंपी गई, कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा कि यह प्रश्न स्पष्ट नहीं है।
सदस्यों ने गुप्ता पर लगातार इस मुद्दे से जुड़े प्रश्नों की बौछार की और वह सरकार और नियामक संस्थाओं को इससे अलग करने की कोशिश में लगे रहे। हाल के कुछ दिनों में पहली बार ऐसा हुआ जब समूचे प्रश्नकाल के दौरान इसी मुद्दे पर चर्चा हुई।
लगातार आ रहे प्रश्नों को देखते हुए राज्यसभा अध्यक्ष हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल के मध्य ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा की पेशकश की। गत सात जनवरी को सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी सत्यम कंप्यूटर सर्विसिज लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष रहे बी. रामालिंगा राजू ने 70 अरब रुपये के घोटाले की बात स्वीकार की थी।
इसके बाद उन्होंने कंपनी के अध्यक्ष पद से और उनके भाई बी. रामा राजू ने कार्यकारी निदेशक पद से त्यागपत्र दे दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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