सोना पहुंचा 15,200 प्रति 10 ग्राम

अंतरिम बजट में गोल्ड के लिए कोई अच्छी खबर नहीं आने के बावजूद शेयर बाज़ार की तरह बुलियन मार्केट पर कोई नेगेटिव असर नहीं पड़ा है।
जियोजीत कमोडिटी - ट्रेड के सीनियर एनालिस्ट आनंद जेम्स का मानना है कि " कैपिटल मार्केट का धड़ाम से गिरना गोल्ड के लिए फायदेमंद साबित हुआ है।
बाज़ार में कमजो़र सेंटीमेंट और कमज़ोर होते रुपये से गोल्ड में खरीदारी का इंटरेस्ट बढ़ा है। इसके अलावा , अगर चुनावों से पहले रेट कट होते हैं तो गोल्ड में और इनवेस्टमेंट देखी जा सकती है। ''
इनवेस्टर्स गोल्ड को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। 11 नवंबर , 08 से गोल्ड फ्यूचर्स में 27.9 परसेंट की बढ़त देखी गई है। जबकि , बीएसई के सेंसेक्स की बात करें तो इसने 5.42 परसेंट का नेगेटिव रिटर्न दिया है।
एनालिस्ट्स का मानना है कि बड़े इनवेस्टर्स और हेज फंड्स बाकी इंस्ट्रूमेंट्स से इनवेस्टमेंट हटा कर फंड्स को गोल्ड की तरफ डायवर्ट कर रहे हैं। इसका कारण ग्लोबल मंदी के और गहराने की आशंका है।
पिछले तीन महीनों में दुनिया के टॉप फाइव गोल्ड ईटीएफ (ईटीइफएस) ने अपने गोल्ड रिज़र्व्स को 108 टन से बढ़ाया है। इस दौरान इन पांच ईटीएफ्स की टोटल होल्डिंग्स 972 टन से बढ़कर 1,080 टन हो गई है।


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