सहायता प्राप्त कंपनियों में एच1-वीजा धारकों को नौकरी पर रोक की आलोचना
वाशिंगटन, 17 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका में 787 अरब डॉलर के राहत पैकेज से लाभान्वित होने वाले बैंकों और अन्य वित्तीय कंपनियों के दो वर्ष तक विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने की आर्थिक विशेषज्ञों ने आलोचना की है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एच1-वीजा धारकों की नियुक्ति पर रोक, जिससे अधिकांश भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों को किनारे किए जाने की संभावना है, उतना अधिक लाभप्रद नहीं होगा जितना कि कुछ लोग भविष्यवाणी कर रहे हैं।
इस नीति के प्रस्तावकों में से एक बर्नी सेंडर्स के अनुसार सरकारी राहत प्राप्त बैंक दो वर्ष तक केवल अमेरिकी लोगों को नौकरी पर रखेंगे।
बहरहाल इस प्रतिबंध से पहले से काम कर रहे एच1-वीजा धारकों के ऊपर कोई प्रभाव नहीं होगा। इसके अलावा राहत पाने वाली फर्मो को एच1-वीजा धारकों से काम लेने वाली कंपनियों से आउटसोर्सिग करने पर रोक नहीं होगी।
अमेरिका में मंदी आने के बाद से 36 लाख से अधिक लोगों की नौकरियां छिन चुकी हैं। पिछले 30 वर्षो में यह सबसे खराब हालत है। केवल जनवरी में ही 600,000 लोगों का रोजगार छिन चुका है।
अनुमान के अनुसार वर्ष 2009 में दक्ष कामगार के रूप में पूरी दुनिया से अमेरिका में एच1-वीजा के लिए आवेदन देने वालों में 200,000 लोगों में अधिकांश भारतीय हैं। अमेरिका में हर वर्ष जारी होने वाले 65,000 एच1-वीजा में करीब 70 फीसदी भारतीय पेशेवरों को हासिल होते हैं। इनमें अधिकांश आईटी उद्योग के पेशेवर होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications