चुनाव आयोग ने एक्जिट व ओपिनियन पोल पर प्रतिबंध लगाया (लीड-1)

जब मतदान कई चरणों में आयोजित किए जा रहे हों, ऐसी स्थिति में आयोग ने पहले चरण का मतदान शुरू होने के 48 घंटे पूर्व से लेकर अंतिम चरण का मतदान समाप्त होने तक एक्जिट पोल या ओपिनियन पोल के प्रकाशन पर प्रतिबंध का प्रावधान किया है।

आयोग ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया है, जब पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय ने साफ कर दिया कि एक्जिट या ओपिनियन पोल के प्रकाशन या प्रसारण के मामले में अपने दिशानिर्देश को लागू करने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह स्वतंत्र है।

प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन व न्यायमूर्ति सतशिवम की खंडपीठ ने 19 जनवरी को अपने आदेश में कहा था, "एक्जिट पोल के प्रकाशन पर नियंत्रण के लिए चुनाव आयोग अपना दिशानिर्देश लागू करने के लिए स्वतंत्र है।"

चुनाव आयोग ने इसके पहले वर्ष 1998 में एक्जिट पोल के प्रकाशन या प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय की विपरीत टिप्पणी के बाद वर्ष 1999 में आयोग ने अपना दिशानिर्देश वापस ले लिया था।

एक्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने के लिए वर्ष 2004 से ही लंबित पड़ी एक याचिका में कहा गया है कि एक्जिट पोल के प्रकाशन से चुनावों की निष्पक्षता प्रदूषित होती है।

पिछले महीने चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व के निष्कर्ष पर यह कहते हुए स्पष्टीकरण देने का निवेदन किया था कि यह समझना गलत होगा कि ओपिनियन व एक्जिट पोल पर नियंत्रण संविधान द्वारा प्रदत्त सूचना के अधिकार में हस्तक्षेप होगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+