समाज में एनआईएमएच की भूमिका महत्वपूर्ण : मीरा कुमार
इस बैठक में आंध्र प्रदेश राज्य के सिकन्दराबाद में स्थित नेशनल इन्स्टीट्यूट फॉर दि मैन्टली हैन्डीकैप्ड (एनआईएमएच) के कार्यकलापों पर चर्चा की गई।
मंत्री ने कहा कि एनआईएमएच जमीनी हकीकतों से जुड़े ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अनुसंधान और विकास के लिए समर्पित है जो मानसिक मंदता से ग्रसित लोगों के जीवन में सुधार लाने में सफल होंगे।
उन्होंने परामर्श समिति के सदस्यों को जानकारी दी कि अपने क्षेत्रीय केन्द्रों जैसे दिल्ली, मुम्बई और कोलकाता के साथ मिलकर एनआईएमएच ने लम्बी अवधि वाले विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए अब तक लगग 3000 प्रोफेशनल तैयार किए हैं और 1़84 लाख लोगों, जिनमें प्रोफेशनल, अभिभावक, अध्यापक आदि शामिल हैं, को लघु अवधि की प्रशिक्षण सेवाएं प्रदान की हैं। अब तक इन केन्द्रों के द्वारा 56,000 मानसिक मन्दता से ग्रसित लोगों को सेवाएं प्रदान की गई हैं। अपने क्षेत्र में स्थित ऐसे बहुत से विशेष स्कूलों को एनआईएमएच ने तकनीकी सहायता भी प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने 56 अनुसंधान परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं तथा 100 से अधिक शोध निबंध तैयार किए हैं, जो राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं व सम्मेलनों में प्रकाशित अथवा प्रस्तुत किए गए हैं। इस संस्थान ने अब तक 90 से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन भी किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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