'एक ख़तरे से जूझ रहे हैं तीन देश'

भारत दौरे पर आए हॉलब्रुक ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और अमरीका एक ही ख़तरे से जूझ रहे हैं.
रिचर्ड हॉलब्रुक ने सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से मुलाक़ात की.
बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "पिछले 60 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि भारत, पाकिस्तान और अमरीका एक ही दुश्मन से जूझ रहे हैं, जिससे हमारे नेताओं और हमारी जनता को बड़ा ख़तरा है."
मुलाक़ात
अमरीका में नई सरकार के गठन के बाद पहली बार किसी दूत ने भारत की यात्रा की है. पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा के बाद रिचर्ड हॉलब्रुक भारत पहुँचे.
पिछले 60 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि भारत, पाकिस्तान और अमरीका एक ही दुश्मन से जूझ रहे हैं, जिससे हमारे नेताओं और हमारी जनता को बड़ा ख़तरा है रिचर्ड हॉलब्रुक
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हॉलब्रुक ने बताया कि उन्होंने भारत सरकार को अपनी पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान यात्रा के बारे में जानकारी दी है. दोनों देशों ने एक-दूसरे से विचारों का आदान-प्रदान भी किया.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कोई संदेश या किसी तरह की सलाह लेकर नहीं आए हैं बल्कि भारत की समस्याओं और नेताओं के विचारों को जानने आए हैं.
पाकिस्तान के सूबा सरहद की स्वात घाटी की घटनाओं पर चिंता ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वात तो नहीं जा पाए लेकिन पाकिस्तान के अन्य क़बायली इलाक़े मेमन और पेशावर गए थे.
उन्होंने कहा कि स्वात में जारी तालेबान के हमले ये दर्शाते हैं कि भारत, पाकिस्तान और अमरीका एक ही ख़तरे से जूझ रहे हैं.


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