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अमरीकी दूत की भारतीय नेताओं से मुलाक़ात

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अमरीकी दूत की भारतीय नेताओं से मुलाक़ात

पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान के लिए नियुक्त अमरीकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक रविवार को भारत पहुँच गए. सोमवार को वो भारतीय नेताओं से मिलेंगे.

हॉलब्रुक की मुलाक़ात विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन से होनी है जिसमे अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत की भूमिका पर भी चर्चा होगी.

वो मुंबई हमलों की जाँच के सिलसिले में भारतीय नेताओं से बातचीत कर सकते हैं. ख़बरें हैं कि हॉलब्रुक की भारत यात्रा का उद्देश्य मुंबई हमलों की जांच के बारे में ओबामा प्रशासन को अवगत कराना है. इसके साथ ही वो आतंकवाद के प्रति भारत के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करेंगे.

 हॉलब्रुक से भारतीय नेताओं की बातचीत के दौरान मुंबई धमाकों का जिक्र ज़रूर होगा लेकिन उनकी निगाह अफ़ग़ानिस्तान पर जमी हुई है   इंदर मल्होत्रा, वरिष्ठ पत्रकार

 हॉलब्रुक से भारतीय नेताओं की बातचीत के दौरान मुंबई धमाकों का जिक्र ज़रूर होगा लेकिन उनकी निगाह अफ़ग़ानिस्तान पर जमी हुई है

वरिष्ठ पत्रकार इंदर मल्होत्रा ने बीबीसी से बातचीत में कहा,'' हॉलब्रुक से भारतीय नेताओं की बातचीत के दौरान मुंबई धमाकों का जिक्र ज़रूर होगा लेकिन उनकी निगाह अफ़ग़ानिस्तान पर जमी हुई है.''

इंदर मल्होत्रा का कहना था,'' अमरीका के लिए अफ़ग़ानिस्तान सबसे बड़ा मसला है और उसे इस संघर्ष में पाकिस्तान की मदद की ज़रूरत है.''

उनका कहना है,'' अब ये देखना होगा कि भारतीय विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुंबई मामले को कितने ज़ोर शोर से उनके सामने उठाते हैं.''

इस बीच अमरीका ने यह साफ़ कहा है कि उनके एजेंडे में कश्मीर का मुद्दा बिल्कुल नहीं है. अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि मूल रूप से हॉलब्रुक की भारत यात्रा का इरादा भारत को जानना-पहचाना ही है और अमरीका की ओर से वो कोई संदेश लेकर भारत नहीं गए हैं.

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