अंतरिम बजट : लोकसभा में पेश अंतरिम बजट के मुख्य बिंदु (लीड-2)
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा लोकसभा में वित्त वर्ष 2009-10 के लिए पेश अंतरिम बजट के मुख्य बिंदु:
-भारत आज भी दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था।
-चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के 7.1 फीसदी की दर से विकास करने की संभावना।
-आर्थिक विकास का लाभ सभी तक पहुंचाने की जरूरत।
-वित्त वर्ष 2008-09 में सरकार ने 37 आधारभूत परियोजनाओं पर 70 हजार करोड़ खर्च किए।
-निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) के तहत 54 केंद्रीय आधारभूत परियोजनाओं को मंजूरी।
-पीपीपी परियोजनाओं पर कुल 67,700 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान।
-इंडिया इंफ्रास्ट्रक्च र फाइनेंस कंपनी मार्च अंत तक 10 हजार करोड़ रुपये इकट्ठा करेगी।
-भारत मुद्रास्फीति की समस्या से उबर चुका है, लेकिन संतोषजनक स्थिति नहीं।
-देश का कृषि परिदृश्य उत्साहित करने वाला है।
-कृषि पर विशेष ध्यान।
-कृषि क्षेत्र के लिए पिछले पांच सालों में योजनागत आवंटन में 300 फीसदी की बढ़ोतरी।
-65,300 करोड़ रुपये का कृषि कर्ज माफ।
- सरकार किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी मुहैया करवाती रहेगी।
-ग्रामीण आधारभूत विकास कोष को 5,500 से बढ़ाकर 14,000 करोड़ रुपये किया गया।
-11वीं पंचवर्षीय योजना में उच्च शिक्षा क्षेत्र में खर्च में 900 फीसदी की बढ़ोतरी।
-देश में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।
-वैश्विक आर्थिक परिदृश्य उत्साहजनक नहीं।
-असाधारण परिस्थितियों में असाधारण कदमों की आवश्यकता होती है।
-नियमित बजट में अतिरिक्त वित्तीय कदम उठाने की जरूरत।
-वित्तीय क्षेत्र में सुधार तेज करने की जरूरत।
-पिछले तीन वर्षो में देश का विकास औसतन नौ फीसदी की दर से हुआ।
-प्रति व्यक्ति आय में प्रतिवर्ष 4.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
-बजट घाटा 4.5 फीसदी से घटकर 2.7 फीसदी हुआ।
-राजस्व घाटा 3.6 फीसदी से घटकर 1.1 फीसदी हुआ।
-निर्यात में 26.4 फीसदी की वार्षिक वृद्धि हुई।
-विदेश व्यापार 27.3 प्रतिशत से बढ़कर 35.5 फीसदी हुआ।
-सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में कर 9.2 फीसदी से 12.5 फीसदी हुआ।
-कृषि में 3.7 फीसदी की वार्षिक वृद्धि हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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