एमपी में नए परिसीमन से बदला परिदृश्य

परिसीमन के कारण तीन पुराने संसदीय क्षेत्र खत्म हो गए और उनके बदले तीन नए क्षेत्र अस्तित्व में आ गए हैं और आरक्षित सीटों की संख्या नौ से 10 हो गई।
प्रदेश में परिसीमन से तीन संसदीय क्षेत्र झाबुआ, शाजापुर और सिवनी का अस्तित्व खत्म हो गया है। इन्हें नए संसदीय क्षेत्रों में समाहित कर दिया गया है। झाबुआ और शाजापुर संसदीय सीटें आरक्षित थीं, जबकि सिवनी सामान्य सीट थी। इसके साथ तीन नए संसदीय क्षेत्र देवास, रतलाम और टीकमगढ़ अस्तित्व में आ गए हैं। ये सभी आरक्षित हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव के समय प्रदेश की 29 सीटों में से नौ संसदीय सीटें मुरैना, सागर, सीधी, शहडोल, मंडला, शाजापुर, धार, उज्जैन और झाबुआ आरक्षित थीं। इस बार आरक्षित सीटों की संख्या 10 गई है।
पिछले चुनाव में आरक्षित रहीं मुरैना, सागर व सीधी सीटें अब सामान्य हो गई हैं। वहीं पिछले चुनाव के दौरान सामान्य श्रेणी की सीटें मिन्ड, खरगोन, बैतूल आरक्षित श्रेणी में आ गई हैं। प्रदेश में नए परिसीमन ने 12 संसदीय सीटों पर व्यापक असर डाला है।
तीन संसदीय सीटें खत्म हुईं तो तीन अस्तित्व में आ गईं। तीन सीटें सामान्य से आरक्षित श्रेणी में चली गईं तो तीन आरक्षित से सामान्य श्रेणी में आ गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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