अमरीकी विशेष दूत भारत के दौरे पर

हॉलब्रुक रविवार को अफ़ग़ानिस्तान से नई दिल्ली पहुँच रहे हैं.
शनिवार को हॉलब्रुक ने काबुल में राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात की और अफ़ग़ानिस्तान की आंतरिक स्थिति का जायज़ा लिया.
बताया जा रहा है कि हॉलब्रुक की भारत यात्रा का उद्देश्य मुंबई हमलों की जांच के बारे में ओबामा प्रशासन को अवगत कराना है.
इसके साथ ही वो आतंकवाद के प्रति भारत के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करेंगे.
इस बीच अमरीका ने यह साफ़ कहा है कि उनके एजेंडे में कश्मीर का मुद्दा बिल्कुल नहीं है.
हॉलब्रुक की मुलाक़ात विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन से होनी है जिसमे अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत की भूमिका पर चर्चा होगी.
अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "मूल रूप से हॉलब्रुक की भारत यात्रा का इरादा भारत को जानना पहचाना ही है और अमरीका की ओर से वह कोई भी संदेश लेकर भारत नहीं जा रहे हैं."
विश्लेषकों का मानना है कि भारत की ओर से हॉलब्रुक को यह बताया जाएगा कि मुंबई हमलों की जांच में भारत की मदद के लिए पाकिस्तान पर अमरीका दबाव डाले.
भारत उनसे पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकवाद के अड्डों को नष्ट करने की दिशा में ठोस क़दम उठाए जाने पर भी चर्चा करेगा.


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