• search

'पवार को पीएम मानने में दिक्कत नहीं'

|
'पवार को प्रधानमंत्री मानने में कोई दिक्कत नहीं'
सपा नेता अमर सिंह ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाक़ात के बाद कहा है कि पवार को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार करने में सपा को कोई दिक्कत नहीं है.

दोनों नेताओं के बीच महाराष्ट्र में मिलकर चुनाव लड़ने पर बातचीत हुई है. माना जा रहा है कि राज्य में लोकसभा की सीटों के बंटवारे पर भी बात हुई.

रविवार को मुलाक़ात के बाद अमर सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि समाजवादी पार्टी को प्रधानमंत्री के रुप में शरद पवार को स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं है.

उनका कहना था, “मुझे शरद पवार को प्रधानमंत्री के रुप में स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं है. लेकिन अबतक सिर्फ़ मनमोहन सिंह ही हमारे नेता है, लेकिन अगर शरद पवार या मुलायम सिंह को प्रधानमंत्री बनने को मौक़ा मिलता है तो कोई किसी के नाम का विरोध नहीं करेंगे."

उधर दोनों नेताओं के बैठक के बाद एनसीपी के नेता और बिजली मंत्री सुनील तत्कारे ने कहा, “हम लोग एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के साथ-साथ आरपीआई के एक ग्रुप और समाजवादी पार्टी से बातचीत के हक़ में हैं.“

आगामी लोकसभा चुनावों के मद्दे नज़र इन दोनों नेताओं के मुलाक़ात को राजनीतिक रुप से काफ़ी अहम माना जा रहा है.

ये मुलाक़ात ऐसे समय पर हो रही है जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच चुनावी गठजोड़ की संभावाना लगभग समाप्त हो गईं हैं.

दूसरी तरफ़ ये भी कहा जा रहा है कि अगले सप्ताह कांग्रेस और एनसीपी के बीच बातचीत हो सकती है जिसमें सीटों के बंटवारे पर चर्चा होगी.

एनसीपी राज्य के कुल 48 लोगकसभा सीटों में से आधे की माँग कर रहा है. वर्ष 2004 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने जहाँ 27 सीटों पर चुनाव लड़ा था वहीं एनसीपी ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.

कांग्रेस ने 13 सीटों पर जीत हासिल की थी तो एनसीपी को नौ सीटों पर विजय मिली थी.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more