विदेश मंत्रालय के कंप्यूटर हैक
नाम का खुलासा न करने की शर्त पर एक राजनयिक ने आईएएनएस को बताया, "यह कोई खास चिंता की बात नहीं है। सभी संवेदनशील डाटा और सूचनाएं सुरक्षित हैं। आंतरिक सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है।"
अधिकारी के अनुसार संवेदनशील सूचनाओं की चोरी रोकने के लिए मंत्रालय की ओर से विभागीय अधिकारियों द्वारा ई-मेल के इस्तेमाल पर एक सख्त प्रोटोकाल लगाया गया है। इसके तहत पासवर्ड को तत्काल बदल दिया जाता है और ई-मेल का इस्तेमाल दैनिक कार्यो के लिए ही किया जाता है। अधिकारियों को फेसबुक या ब्लॉगिंग जैसी सामाजिक नेटवर्क वाली साइटों को कार्यालय के कंप्यूटर पर इस्तेमाल की इजाजत नहीं है।
अधिकारी के अनुसार मंत्रालय के ज्यादातर अधिकारियों के पास दो कंप्यूटर हैं। एक इंटरनेट से जुड़ा हुआ होता है और दूसरा वर्गीकृत कार्यो के लिए होता है। इंटरनेट से जुड़े हुए कंप्यूटर के ही हैक होने का खतरा होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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