उज्जैन में शिव नवरात्रि की धूमधाम से शुरुआत
नौ दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान में भक्तों को महाकाल के नौ रूपों के दर्शन होंगे। महाकाल का हर रोज अलग-अलग रूपों में श्रंगार किया जाएगा। पहले दिन वस्त्र श्रृंगार ने भक्तों को भाव विभोर कर दिया।
महाकालेश्वर मंदिर की प्रबंध समिति के प्रशासक शुभकरण शर्मा ने बताया कि देश का यह इकलौता ज्योतिर्लिग है, जहां शिव नवरात्रि का आयोजन किया जाता है। पहले दिन शिवलिंग का वस्त्र श्रंगार किया गया। उसी तरह आने वाले आठ दिनों तक अलग-अलग रूपों में श्रंगार किया जाएगा। इसके अलावा दिन में प्रवचन और शिवपुराण का पाठ चल रहा है। यह परंपरा पिछले कई दशकों से जारी है।
मंदिर प्रशासक के मुताबिक 23 फरवरी तक नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलेगा और उसी दिन रात को महाशिवरात्रि की विशेष पूजा आयोजित की जाएगी। अगले दिन महाकाल को सेहरा बांधा जाएगा और वह भक्तों को दूल्हे के रूप में दर्शन देंगे।
महाशिवरात्रि के अगले दिन भस्मारती दोपहर 12 बजे होगी। आम तौर पर भस्मारती मंदिर में नियमित रूप से तड़के चार बजे होती है। वर्ष में एक दिन ऐसा आता है, जब भस्मारती दिन में होती है।
नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के अलावा महाशिवरात्रि और अगले दिन द्वितीया को लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। इसे ध्यान मे रखकर मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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