बांग्लादेश में युद्ध अपराध के लिए मुकदमे की प्रक्रिया शुरू
1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के द्वौरान जिन लोगों ने पाकिस्तान सरकार का साथ दिया था, उन्हें बांग्लादेश में युद्ध अपराधी माना जाता है।
समाचार पत्र न्यू एज की ओर से रविवार को कहा गया है कि 1971 के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान नरसंहार को अंजाम देने के लिए जमात प्रमुख मतिउर रहमान निजामी और अन्य नौ आरोपियों की भूमिका की जांच के लिए सरकार ने शनिवार को अपराध अन्वेषण शाखा (सीआईडी) के एक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप दी है।
निजामी, बेगम खालिदा जिया की सरकार (2001-06) में उद्योग मंत्री थे। पिछले दिसंबर महीने में हुए आम चुनाव में खालिदा के नेतृत्व वाले गठबंधन को पराजय का सामना करना पड़ा था। निजामी स्वयं भी चुनाव हार गए थे।
निजामी सहित जमात के महासचिव अली अहसान मुजाहिद तथा सहायक महासचिव अब्दुल कादर मुल्ला व कमरुज्जमां का नाम उन सैकड़ों व्यक्तियों की सूची में शामिल है, जिन पर स्वतंत्रता सेनानियों की पक्षधर आम जनता की हत्या करने वाले सशस्त्र गिरोह का नेतृत्व करने का आरोप है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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