'अमरीकी दबाव में बोल रहा है पाकिस्तान'

यूनाइटेड जेहाद काउंसिल की ओर से पाकिस्तान के उस बयान की आलोचना की गई है जिसके मुताबिक पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि मुंबई हमले की साज़िश का कुछ हिस्सा पाकिस्तान में ही रचा गया था.
गुरुवार को इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने यह जानकारी दी. बताया गया कि पाकिस्तान में इस बाबत प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है.
मुंबई में हमलों के बाद से ही भारत शुरुआती जाँच के आधार पर पाकिस्तान से कह रहा था कि हमलों के पीछे जिन लोगों का हाथ है औऱ जो हमलों में शामिल थे उनका ताल्लुक पाकिस्तान से था.
हालांकि पाकिस्तान अभी तक इस तथ्य को नकारता रहा और सबूतों को महज जानकारी बताया गया.
अब पाकिस्तान ने भले ही इसे स्वीकार किया हो कि मुंबई हमलों की जड़ें पाकिस्तान में मौजूद हैं पर भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गुटों ने पाकिस्तान के ताज़ा बयान के लिए उनकी आलोचना की है.
'अमरीकी दबाव'
अलगाववादी गुटों का कहना है कि पाकिस्तान का यह स्वीकार करना कि इन हमलों के पीछे चरमपंथी संगठन लश्करे तैयबा का हाथ है, दरअसल अमरीका के दबाव में लिया गया फ़ैसला है.
पाकिस्तान ऐसा अमरीकी दबाव के चलते कर रहा है. दरअसल, पाकिस्तान अमरीका-भारत की ओर से की जा रही साजिश का शिकार हुए हैं सय्यद सदाक़त हुसैन, प्रवक्ता, जेहाद काउंसिल
| |
पिछले साल 26 नवंबर को हुए मुंबई हमलों में कम से कम 173 लोग मारे गए थे.
जेहाद काउंसिल के प्रवक्ता सय्यद सदाक़त हुसैन ने कहा, "पाकिस्तान ने अभी तक 26 नवंबर के हमलों के बारे में भारत की ओर से बतौर सबूत पेश की गई चीज़ों को केवल जानकारी ही पाया था. पाकिस्तान अपनी इस बात पर क़ायम रहा."
पर वो कहते हैं, "पाकिस्तान ऐसा अमरीकी दबाव के चलते कर रहा है. दरअसल, पाकिस्तान अमरीका-भारत की ओर से की जा रही साजिश का शिकार हुए हैं."
राज्य में अलगाववादी आंदोलन के एक अन्य वरिष्ठ नेता सैय्यद अली शाह गीलानी कहते हैं, "हम आतंकवाद की कड़े शब्दों में आलोचना करते हैं. मुंबई हमलों का हमें भी अफ़सोस है पर लश्कर का इन हमलों में हाथ होने के सबूत महीं मिले हैं."
गीलानी कहते हैं कि पाकिस्तान के पास अब स्वतंत्र विदेश नीति नहीं रह गई है और वो अब अमरीका के आगे घुटने टेक चुके हैं.


Click it and Unblock the Notifications