लालू ने पेश किया राहत भरा रेल बजट, विपक्ष ने चुनावी बजट करार दिया (राउंड अप)
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अंतरिम रेल बजट में सभी श्रेणियों के यात्री भाड़े में दो प्रतिशत कमी और माल भाड़े में कोई बदलाव नहीं कर जहां बजट को लोकलुभावन शक्ल देने का प्रयास किया है वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इसे चुनावी बजट करार दिया है।
औसत रेल यात्रियों पर भार कम करने के अपने वादे को पूरा करते हुए लालू ने शुक्रवार को प्रस्तुत अंतरिम रेल बजट में किराये में दो फीसदी तक की कटौती करने के साथ ही 43 नई ट्रेनें चलाने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बुलेट ट्रेन चलाने की संभावना तलाशने के लिए अध्ययन करवाया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2009-10 के लिए लोकसभा में अंतरिम रेल बजट पेश करते हुए लालू ने 14 ट्रेनों का गंतव्य बढ़ाने, 14 अन्य के फेरे बढ़ाने के साथ ही अगले वित्त वर्ष में 379.05 अरब रुपये की योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के सभी पांचों रेल बजट पेश करने वाले लालू ने कहा, "मैं गौरवान्वित हूं कि राष्ट्र सेवा की अपनी यात्रा में भारतीय रेल ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है।"
उन्होंने कहा, "मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारतीय रेलवे ने प्रत्येक वर्ष एक नई ऊंचाई को हासिल किया है और आज आम लोगों पर बिना कोई बोझ डाले पिछले पांच वर्षो में ऐतिहासिक 900 अरब रुपये की अतिरिक्त नकद कमाई की है।"
अपने लोकलुभावन बजट में लालू ने कुछ नई ट्रेनों की घोषणा की। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था भारतीय रेलवे प्रतिदिन 11 हजार ट्रेनों का परिचालन करती है जिनमें से सात हजार यात्री ट्रेनें हैं।
पिछले बजट में लालू ने द्वितीय श्रेणी और स्लीपर क्लास के 50 रुपये से अधिक किराये पर पांच प्रतिशत तक की कमी की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के यात्रियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने इस बजट में द्वितीय और स्लीपर क्लास के 50 रुपये से अधिक के किराये में दो प्रतिशत तक की कमी का प्रस्ताव किया है।
उन्होंने वातानुकूलित श्रेणी के लिए भी किराये में भी इतने कमी की घोषणा की।
हाल ही जापान का दौरा करने वाले लालू ने कहा कि पांच मार्गो पर बुलेट ट्रेन चलाने की संभावना तलाशने के लिए अध्ययन जारी है जबकि दिल्ली-पटना खंड पर बूलेट ट्रेन चलाने के लिए अध्ययन पूरा कर लिया गया है। उन्होंने चार और गरीब रथों की घोषणा की।
लालू ने स्वीकार किया कि वर्तमान आर्थिक मंदी के कारण माल ढुलाई में कमी आई है विशेषकर अक्टूबर-नवंबर के महीने में। हालांकि उन्होंने कहा कि अगले दो माह में इसके बढ़ने की संभावना है।
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने दावा किया है कि भारतीय रेलवे का वित्तीय कायाकल्प निजी क्षेत्र से बिल्कुल अलग है। यादव ने कहा कि निजी क्षेत्र अपनी सफलता के लिए जनविरोधी उपाय अपनाते हैं।
यादव ने कहा, "जहां एक ओर निजी कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी, कर्मचारियों की छंटनी जैसे जन विरोधी हथकंडे अपनाती हैं, वहीं रेलवे अपना मानवीय दृष्टिकोण बनाए हुए है। रेलवे का सीधा मकसद है आम आदमी या कर्मचारियों पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ लादे बगैर असाधारण उपलब्धि हासिल करना।"
यादव के अनुसार माल ढुलाई की औसत वार्षिक वृद्धि जो पिछले एक दशक के दौरान तीन प्रतिशत के आसपास थी, चालू वित्त वर्ष में उसमें आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यादव ने दावा किया, "रेलवे का कायापटल रेल संपत्तियों की उत्पादकता बढ़ाने व कर्मचारियों की कर्मठता से ही संभव हो पाया है।"
दूसरी ओर अंतरिम रेल बजट की आलोचना करते हुए मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सरकार की सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) इसे चुनावी बजट करार दिया है।
भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि रेल बजट को आम चुनाव के मद्देनजर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री ने मतदाताओं को रिझाने के लिए किराए में कमी की है।
सपा के राज्यसभा सदस्य कमाल अख्तर ने कहा, "रेल बजट चुनाव को देखते हुए पेश किया गया है न कि आम लोगों की भलाई को देखते हुए।"
दूसरी ओर कांग्रेस ने रेल बजट को 'विकासपरक' और 'जनता के हित' वाला बजट कहा है। पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद खान ने आईएएनएस से कहा, "हम अंतरिम रेल बजट का स्वागत करते हैं। यह विकासपरक और जनता के हित वाला बजट है। इसका श्रेय संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को जाता है।"
खान ने कहा कि लगातार पांच वर्षो से रेलवे ने किराए में कमी की है और लाभ भी कमा रहा है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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