पंधेर के बेटे ने कहा, पिता को मरने नहीं दूंगा
करनदीप ने आईएएनएस से कहा कि अदालत के फैसले से वह अचंभित हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता को मरने नहीं देंगे और इस संबंध में उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
करनदीप ने कहा कि उनके परिवार को किसी का सहारा नहीं है। उन्होंने कहा, "केवल ननिहाल के लोग हमारी सहायता कर रहे हैं। चाचा के अलावा पिता का कोई भी रिश्तेदार हमारे साथ नहीं है। दरअसल संपत्ति विवाद के कारण सभी अदालत के फैसले से खुश हैं।"
विशेष अदालत ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों मोनिन्दर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरेन्द्र कोली को चार वर्ष पुराने 14 वर्षीया रिम्पा हालदार के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई।
अदालत में जब विशेष न्यायाधीश रमा जैन हालदार के साथ बलात्कार और हत्या मामले में पंधेर और कोली को सजा सुना रही थीं तो वहां निठारी कांड में पीड़ित 19 लोगों के परिजन उपस्थित थे।
जैन ने पंधेर और कोली को गुरुवार को दोषी करार देते हुए कहा था कि दोनों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।
जहां पंधेर और कोली हत्या और बलात्कार मामले में दोषी पाए गए , वहीं कोली पर अगवा करने का भी आरोप है। दूसरी ओर पंधेर पर सबूतों को नष्ट करने का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि नोएडा पुलिस ने पंधेर और कोली को 29 दिसंबर 2006 को उसके डी-5 बंगला से गिरफ्तार किया था। पंधेर के बंगले के पीछे के नाले से पुलिस ने हड्डियां भी बरामद की थी। जांच से पता चला कि इस बंगले में चार महिलाओं और 15 किशोरियों के साथ बलात्कार किया गया और बाद में सभी की हत्या कर दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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