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ऑस्ट्रेलिया में आग, दो गिरफ़्तार

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ऑस्ट्रेलियाई पुलिस का कहना है कि उन्होंने विक्टोरिया राज्य के जंगलों में लगी आग के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. राज्य के पुलिस कमिश्नर क्रिस्टीन निक्सन का कहना था कि उनका मानना है कि चर्चिल शहर में आग की वजह आगजनी थी. इसमें 21 लोगों की मौत हो गई थी.

उनका कहना था कि जाँचकर्ताओं को मैरिविले में लगी आग को लेकर भी संदेह है. ऑस्ट्रेलिया की जंगलों में लगी भीषण आग की वजह से 181 लोग मारे जाने की पुष्टि हो गई है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ये संख्या और बढ़ सकती है.

बारिश और ठंडक ने दमकल कर्मचारियों की मदद की है लेकिन कई स्थानों पर अब भी आग लगी हुई है. इसके पहले आग से हुए जान-माल को हुए नुक़सान के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रूड ने कहा है कि उनका देश एकजुट होकर पुनर्निर्माण के काम में लगेगा.

ऑस्ट्रेलिया के इतिहास की ये अब तक की सबसे गंभीर आग बताई जा रही है.रुड ने संसद के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जो इलाक़े आग की वजह से बर्बाद हुए हैं वहाँ पर एक-एक कर सभी चीज़ों का पुनर्निर्माण किया जाएगा.

जंगल में लगी इस आग के कारणों की जाँच के लिए एक पुलिस कार्य दल का गठन किया गया है. पुलिस का मानना है कि कई स्थानों पर आग जानबूझकर लगाई गई. प्रधानमंत्री रूड ने इसे 'एक बड़े स्तर पर हत्या' क़रार दिया है.

संसद को संबोधित करते हुए रूड ने कहा, " कुछ जगहों पर आग जानबूझ कर लगाई गई हो सकती है, यह सोच कर ही हम निशब्द हो गए."अधिकारियों का कहना है कि राज्य में इतनी भयंकर आग उन्होंने पहली बार देखी है.जाँच अधिकारियों ने कई संभावित अपराध के स्थानों को सील कर दिया गया है.

उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया में जानबूझ कर लगाई गई आग की वजह से हुई मौत के लिए 25 वर्ष तक की क़ैद हो सकती है जबकि जानबूझ कर या अनजाने में जंगल में आग लगाने के लिए 15 वर्ष तक की क़ैद हो सकती है.

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