औद्योगिक उत्पादन में गिरावट की अनदेखी कर सरकार का 7 प्रतिशत विकास दर का अनुमान (राउंडअप)
विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को औद्योगिक संगठन 'फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ' (फिक्की) की 81 वीं सालान बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि वर्ष 2008-09 में देश की आर्थिक विकास की गति सात फीसदी रहेगी।"
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसी संस्थाओं द्वारा विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाओं के दो फीसदी तक सिकुड़ने के अनुमानों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था सात फीसदी की दर से विकास करती रहेगी। उन्होंने आईएमएफ द्वारा प्रस्तुत नवीनतम पूर्वानुमानों का जिक्र भी किया जिनमें कहा गया था कि विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएं दो फीसदी तक सिकुड़ सकती हैं।
मुखर्जी ने कहा कि सरकार विकास दर को बढ़ाने के लिए कुछ क्षेत्रों पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि विकास की तेज दर बरकरार रखने के लिए विदेशी व्यापार, विदेशी निवेश और घरेलू मांग में इजाफा आवश्यक है।
एक अन्य समारोह में वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में मंदी के बावजूद भारत सात प्रतिशत की विकास दर को कायम रखने में सफल होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications