लखनऊ में प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर लाठीचार्ज
उत्तर प्रदेश वित्त विहीन शिक्षक संघ(यूपीएनटीए) के बैनर तले हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों ने विधान सभा के सामने घंटों जाम लगाया, जिसे हटवाने वाले के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया।
यूपीएनटीए के सचिव आफताब आलम खान ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई में 50 से ज्यादा शिक्षक और कर्मचारी घायल हुए जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल समेत कई अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
उधर पुलिस अधीक्षक(कानून-व्यवस्था) रघुवीर लाल ने आईएएनएस को बताया कि प्रदर्शनकारी विधानसभा से राजभवन की तरफ जा रहे थे तभी उनके उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें कोई गंभीर रूप से चोटिल नहीं हुआ।
वित्त विहीन शिक्षकों और कर्मचारियों को राज्य सरकार की तरफ से प्रतिमाह 500 से 1500 रुपये दिए जाते हैं। जबकि उनकी मांग है कि उन्हें नियमित वेतन के रूप में कम से कम 5000 रुपये प्रतिमाह मिलने चाहिए। उत्तर प्रदेश में 1300 वित्त विहीन विद्यालयों में 300,000 शिक्षक कार्यरत हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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