बिहार कैबिनेट की एक गाँव में बैठक

देश की किसी निर्वाचित सरकार का गाँव में कैबिनेट की बैठक आयोजित करने का ये संभवत: पहला मौक़ा था.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को एक टेंट में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फ़ैसले लिए गए.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले डेढ महीने से राज्य की विकास यात्रा पर हैं.
बेगूसराय के बाद वो खगड़िया के लिए रवाना हो गए हैं.
उनका कहना है कि मंत्रिमंडल की बैठक बेगूसराय में आयोजित कर वो ये संदेश देना चाहते हैं कि सरकार जनता के द्वार पर आई हुई है.
साथ ही वो ये देखना चाहते हैं कि सरकार के विकास कार्यों की असलियत क्या है.
भष्ट्राचार की शिकायतें
इस विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नई योजनाओं की घोषणा करते हैं और विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हैं. साथ ही लोगों से बातचीत करते हैं और उनकी समस्याएँ सुनी जाती हैं.
नीतीश कुमार ने अपनी इस यात्रा के दौरान चंपारण, दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर और मुज़फ्फरपुर में शिविर लगाए हैं.
इस दौरान पाया गया कि सबसे ज्यादा शिकायतें सरकारी और पुलिस महकमें में भ्रष्टाचार की आ रही हैं.
लेकिन विपक्षी आरजेडी के लालू प्रसाद यादव और लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान ने नीतिश कुमार की यात्रा पर आपत्ति जताई है.
उनका कहना है कि ये सरकारी खर्च पर अपनी छवि चमकाने की कवायद है.
विपक्षी नेताओं का कहना है कि मंत्रिमंडल की बैठक पटना में हो या बेगूसराय में इससे फ़ैसलों में कोई अंतर नहीं पड़ने जा रहा है.


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