अब आंध्र विधानसभा में विधायकों का हंगामा

विपक्षी सदस्यों को मार्शल की मदद से बाहर निकालना पड़ा जिससे कई विधायकों को हल्की चोटें आईं हैं.
दूसरी ओर हंगामा कर रहे विपक्ष के 46 विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान डालने पर निलंबित कर दिया गया है.
विपक्षी तेलुगू देशम, तेलंगाना राष्ट्र समिति और वामपंथी दलों के सदस्य पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डी के स्वामित्ववाली कंपनियों में हेराफेरी का आरोप लगा रहे हैं.
इस मुद्दे को लेकर हंगामा कर रहे विपक्षी विधायकों को जब बाहर जाने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया.
इस पर स्पीकर ने उन्हें मार्शल के मदद बाहर निकालने का आदेश दिया.
इसके बाद विधायी कार्यमंत्री रोशय्या ने विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान का आरोप लगाते हुए 46 विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा और ये पारित हो गया.
खींचतान
इधर मार्शल और विधायकों की खींचतान में कुछ को हल्की चोटें आईं हैं और लॉबी में कुछ गिलास टूट गए.
मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी का कहना है कि वो कैसी भी जाँच के लिए तैयार हैं
दरअसल सत्यम घोटाले पर चल रही बहस के दौरान विपक्षी तेलुगू देशम के नेता चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के बेटे की कंपनियों में भी हेराफेरी की गई है.
मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने इस पर विपक्ष को चुनौती थी कि यदि उनके बेटे जगनमोहन रेड्डी की कंपनी में कोई हेराफेरी की गई है तो वे इसकी जाँच किसी भी एजेंसी से कराने को तैयार हैं.
लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ और उन्होंने बुधवार को इस पर जमकर हंगामा किया.
तेलुगू देशम के विधायक बी केशव को हल्की चोटें आईं हैं. उनका कहना था कि ये लोकतंत्र पर हमला है और जनता इसका फ़ैसला आगामी चुनावों में करेगी.
एक अन्य विधायक टी हरीश का कहना था कि ऐसी पहले कभी नहीं हुआ कि अपनी सीटों पर बैठे विधायकों को ज़बर्दस्ती निकाला गया हो.
दूसरी ओर विधायी मंत्री के रोशय्या का कहना था कि जब हंगामा कर रहे विधायकों को बाहर जाने के लिए कहा गया तो उन्हें इस निर्देश का पालन करना चाहिए था.


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