काबुल में आत्मघाती हमलों में 26 मरे, 55 घायल (लीड-4)
काबुल, 11 फरवरी (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में आतंकवादियों द्वारा बुधवार को तीन सरकारी इमारतों पर एक साथ किए गए आत्मघाती हमले व गोलीबारी में कम से कम 26 व्यक्ति मारे गए और 55 घायल हो गए।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता अब्दुल्लाह फहीम ने कहा कि यह हमला अमेरिका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक के अफगानिस्तान दौरे के ठीक एक दिन पहले किया गया है।
उन्होंने कहा कि मृतकों में अधिकतर आम नागरिक हैं। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है क्योंकि अधिकारियों को अभी तक सभी अस्पतालों से जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है।
यह पूछे जाने पर कि क्या हमलावरों को भी मृतकों में शामिल किया गया है, फहीम ने कहा कि सरकार आम तौर पर हमलावरों को मृतकों के आंकड़ों में शामिल नहीं करती।
दूसरी ओर गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता हनीफ एतमार ने कहा कि सभी आठों हमलावर मारे गए। वे खुद को उड़ा पाते इसके पहले ही उन्हें भून दिया गया।
पहला हमला राष्ट्रपति महल के दक्षिणी द्वार और वित्त मंत्रालय के निकट स्थित न्याय मंत्रालय पर हुआ। मशीनगनों से लैस चार हमलावरों में से एक ने खुद को मंत्रालय के दरवाजे पर उड़ा दिया और तीन ने भीतर घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की।
मंत्रालय के एक कर्मचारी महमूद जान ने कहा कि उसने तीन शव जमीन पर पड़े हुए देखे। उसमें से एक पुलिसकर्मी का भी शव था। सुरक्षा कर्मियों ने मंत्रालय को घेर लिया था।
जान ने बताया, "सुरक्षा कर्मियों ने आकर हमें इमारत से बाहर निकाला। उन्हें शक है कि दो आतंकी अभी भी इमारत में हैं।"
दूसरा विस्फोट काबुल के उत्तर में स्थित खर खाना जिले में पुलिस के एक वाहन को लक्ष्य बनाकर किया गया। तीसरा विस्फोट काबुल से लगे हुए एक कस्बे में हुआ।
इस बीच पुलिस कर्मियों ने एक सातवें हमलावर को मार गिराया। वह शिक्षा मंत्रालय की इमारत में घुसने की कोशिश कर रहा था।
इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए तालिबान के कथित प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक अज्ञात स्थान से निजी टीवी चैनल टोलो को बताया कि उसके संगठन ने सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए सात आत्मघाती हमलावरों को काबुल भेजा था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में तालिबान ने 120 से अधिक आत्मघाती हमले करवाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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