अंतरंग क्षणों में खलल डाल रहे हैं फोन और लैपटॉप
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। आप अपने पति के साथ सुकूनदायी महौल में भोजन करने की तैयारी हैं, पर अचानक आपके पति का फोन बज उठता है। जाहिर है, फोन पर पति की व्यस्तता आपको नागवार गुजरेगी।
दरअसल, महानगरीय संस्कृति में जब फोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण शयनकक्षों में स्थायी पैठ बना चुके हैं, ऐसे में रोमांस का प्रवाह अब पहले की तरह निर्बाध नहीं रह गया है।
आज अधिकांश दंपति या प्रेमी युगल इसका अहसास कर रहे हैं कि उनके रोमांटिक रिश्ते की निजता इन इलेक्ट्रानिक उपकरणों के कारण अक्षुण्ण नहीं रह गई है। अंतरंग क्षणों में फोन का घनघनाना या जीवन साथी के लैपटॉप पर व्यस्त रहना मुहब्बत के लिए शुभ संकेत नहीं।
29 वर्षीया गृहिणी मानेका सिंह कहती हैं, "प्रेम का इजहार करने के लिए उपयुक्त समय ढूंढ़ना कठिन हो गया है। मैं तो पति के साथ चैन से भोजन भी नहीं कर पाती हूं। थाल लगाओ नहीं कि पति का फोन बच उठता है। कई बार इसे लेकर हमारे बीच झगड़ा हो जाता है।"
नौ साल पहले परिणय सूत्र में बंधने वाली रोशनी वधवानी कहती हैं, "मेरे पति अक्सर टॉक टाइम चेक करते रहते हैं। अगर कोई कॉल आता है तो सबकुछ भूलकर उसी में व्यस्त हो जाते हैं। उन्हें हर समय मोबाइल के साथ छेड़छाड़ करते रहने की आदत है।"
जीवन साथियों या प्रेमी-प्रेमिकाओं की लैपटॉप, एमपी3 प्लेयर, आईपॉड, वीडियोगेम आदि में व्यस्तता के कारण रूमानियत पर ग्रहण लग रहा है। 22 वर्षीय आदित्य सिंह कहते हैं, "मेरी प्रेमिका को हद से ज्यादा मोबाइल फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करने की आदत है। जब मैं टोकता हूं तो वह मारपीट पर उतारू हो जाती है।"
जाने-माने मनोचिकित्सक संजय चुघ कहते हैं, "यह जटिल समस्या है। यह रोमांटिक जीवन में खलल पैदा कर रही है। कई लोगों के लिए यह तनाव और अवसाद का कारण है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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