जमीनी कार्यकर्ताओं की नाराजगी से रूबरू हुए सोनिया-राहुल
खालिद अख्तर
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस को गत रविवार को संपन्न हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में जमीनी कार्यकर्ताओं की नाराजगी से दो चार होना पड़ा।
स्थानीय रामलीला मैदान में हुए इस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव राहुल गांधी समेत अन्य सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जमकर अपना गुस्सा निकाला।
अधिकांश कार्यकर्ताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई कि चुनाव जीतने के बाद नेता लोग कार्यकर्ताओं को पूछते तक नहीं हैं।
महाराष्ट्र के अहमदनगर के ब्लॉक अध्यक्ष उमेद शेख ने कहा, "कांग्रेस में जितने भी नेता चुनाव जीतते हैं वह गांधी परिवार की बदौलत जीतते हैं। दिल्ली में शीला दीक्षित को छोड़ किसी भी प्रदेश सरकार ने अपने प्रदर्शन के आधार पर चुनाव नहीं जीता है।"
उन्होंने कहा, "हमारे नेताओं ने सिर्फ गांधी परिवार के नाम का फायदा उठाया है। चुनाव जीतने और मंत्री बनने के बाद हमारे नेता लाल बत्ती लगी बंद कारों में घूमते हैं। उन्हें कार्यकर्ताओं के लिए फुरसत नहीं होती।"
जैसे ही शेख की बातें खत्म हुई पूरा का पूरा कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सोनिया ने भी तालियां बजाकर शेख की बातों का समर्थन किया।
मध्यप्रदेश से आए एक कांग्रेस कार्यकर्ता खानम नसीम अख्तर ने मध्यप्रदेश के आला नेताओं की जमकर खिंचाई की। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में हुई पार्टी की करारी शिकस्त के लिए प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं को जिम्मदार ठहराया।
अख्तर ने कहा, "हम मध्यप्रदेश विधानसभा का चुनाव इसलिए हारे क्योंकि हमारे सभी वरिष्ठ नेताओं का अपना-अपना अहम और अपना-अपना राग था। वह कार्यकर्ताओं को मजबूत करना नहीं चाहते थे।"
सोनिया और राहुल ने पार्टी के इन सभी कार्यकर्ताओं की बातों को न सिर्फ गंभीरता से सुना बल्कि उन्हें 'नोट' भी किया और कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं की चिंताओं का ध्यान रखेगी।
उन्होंने कहा, "आप सभी कई सवाल उठाए हैं। यह न सिर्फ आगामी लोकसभा चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पार्टी के हित में भी है। मैं आप सभी की शिकायतों और समस्याओं से अवगत हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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