'पाकिस्तान की विश्वसनीयता ख़तरे में'

आनंद शर्मा ने कहा, "हमने जो दस्तावेज़ दिए थे उसमें फ़ैसले लेने लायक सबूत मौजूद हैं. और जिस संगठन का नाम भारत ने लिया है, उसी का नाम अमरीका ने भी लिया है. यहाँ तक कि व्यक्तियों की पहचान भी बताई गई है."
उन्होंने भारतीय टेलीविज़न चैनल एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, "अगर पाकिस्तान कोई कार्रवाई करने में देरी करता है तो उसकी विश्वसनीयता और गिरेगी."
भारतीय विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि वह पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक जवाब मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं और उसके बाद भारत कोई औपचारिक फ़ैसला करेगा.
ये पूछे जाने पर कि पाकिस्तान ने दस्तावेज़ों को नाकाफी बताया है, उनका कहना था, "हम इससे सहमत नहीं हैं. पाकिस्तान को संजीदगी से ये दिखाना होगा कि वह कार्रवाई कर रहा है."
और जानकारी की माँग
इससे पहले इस्लामबाद में कैबिनेट कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद एक बयान जारी कर पाकिस्तान ने कहा कि उसे जाँच पूरी करने के लिए और जानकारी चाहिए.
पाकिस्तान का कहना है कि जानकारियाँ अधूरी है
प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी के कार्यालय की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है कि जल्द ही भारत से और जानकारी भेजने के लिए अनुरोध किया जाएगा.
बयान में कहा गया है- बैठक में यह तय किया गया कि बिना ठोस सबूत के मुंबई हमलों की जाँच पूरी करना और मामले में आगे बढ़ना मुश्किल है.
बैठक में यह भी तय हुआ कि जाँच के दौरान जो सवाल उठे हैं, उसका भारतीय अधिकारियों से जवाब मिलना ज़रूरी है और जल्द ही इस बारे में भारत को अवगत करा दिया जाएगा.


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