राजू बंधुओं को विशेष क़ैदियों का दर्जा

अदालत ने सत्यम कंप्यूटर्स में हज़ारों करोड़ का घोटाला करने वाले रामालिंगा राजू और उनके भाई को जेल में विशेष क़ैदी का दर्जा देने की मंज़ूरी दे दी है. राजू बंधुओं की एक याचिका पर अदालत ने यह फ़ैसला दिया है.
राजू बंधु गत 10 जनवरी से सेंट्रल जेल में हैं और अब तक वे सामान्य क़ैदियों की तरह रह रहे थे और उन्हें दूसरे क़ैदियों के साथ ज़मीन में सोने के अलावा सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करना पड़ रहा था.
इस फ़ैसले के बाद राजू बंधुओं को अलग कमरा, सोने के लिए खाट, तकिया, मच्छरदानी और अलग से रसोईघर मिल सकेगा. उन्हें घर से खाना भी मिल सकेगा और हर दिन का अख़बार भी. इसके अतिरिक्त उन्हें लिखने के लिए कागज़-कलम दिया जाएगा और वे अपने कमरे में टेलीविज़न भी देख सकेंगे.
सत्यम कंप्यूटर्स के पूर्व चेयरमैन रामालिंगा राजू और इस कंपनी में निदेशक रह चुके रामा राजू को गत नौ जनवरी को पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.
सात जनवरी को रामालिंगा राजू ने सत्यम कंप्यूटर्स में सात हज़ार करोड़ से अधिक की हेराफेरी करना स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
राजू बंधुओं ने एक याचिका दायर करके कहा था कि चूंकि समाज में उनकी एक प्रतिष्ठा है और वे एक ख़ास तरह की जीवन शैली के आदी रहे हैं इसलिए आंध्रप्रदेश जेल क़ानून की धारा 730 के तहत विशेष क़ैदी का दर्जा दिया जाए.
गत 16 जनवरी को अदालत ने इस मामले में अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था. हालांकि सरकारी वकील ने यह कहकर इसका विरोध किया था कि जिन लोगों ने ग़रीबों की क़ीमत पर पैसे कमाए हों वे विशेष दर्जा पाने की हक़दार नहीं है.


Click it and Unblock the Notifications