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बाबरी विध्वंस पर रिपोर्ट चुनाव से पहले !

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Babri Mosque dimolition
नई दिल्ली, 7 फरवरी: अयोध्या के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की जांच के लिए 17 साल पहले गठित की गई लिब्राहन आयोग लोकसभा चुनाव के पहले अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। यह जांच रिपोर्ट तैयार करने में अब तक सरकारी खजाने से 70 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं।

लोकसभा चुनाव से पूर्व यह रिपोर्ट यदि सार्वजनिक हुई तो इसमें कोई शक नहीं कि भारतीय राजनीति में एक बार फिर भूचाल आयेगा ही। संभावना है कि 31 मार्च से पहले यह रिपोर्ट पेश हो जाएगी।

आयोग के प्रमुख सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एम. एस. लिब्राहन ने चंडीगढ़ से फोन पर बताया, "मैं सही दिशा में आगे बढ़ रहा हूं। जांच का काम सही दिशा में है। मेरे पास 31 मार्च तक का समय है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि तब तक यह पूरी हो जाए।"

रिपोर्ट तैयार करने में जुटे 70 वर्षीय लिब्राहन ने हालांकि यह बताने से इनकार कर दिया कि यह रिपोर्ट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के नेताओं को भारी पड़ेगी।

उल्लेखनीय है कि बाबरी मस्जिद गिराने में किस-किस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और कैसे यह मस्जिद ढही थी, आयोग इन्हीं सब की जांच कर रहा है।

इस संबंध में पूछे जाने पर लिब्राहन ने कहा, "मैं आपको इसके बारे में कुछ भी नहीं बता सकता। रिपोर्ट सामने आने तक आप इंतजार कीजिए और तब तक मुझे दिमागी कसरत करने दीजिए। मुझे यह पता है कि चूंकि इस मामले की जांच बहुत लंबे समय तक खिंच गया इसलिए जब भी इसकी रिपोर्ट आएगी मीडिया मेरी आलोचना करने से भी नहीं चूकेगी।"

आयोग ने इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पी. वी. नरसिम्हा राव, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, मुलायम सिंह यादव के बयान भी रिकार्ड किए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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