देश की सबसे महंगी लैंड डील टूटी

एक छोटी अचल सम्पत्ति कम्पनी 'बिजनेस पार्क्स एंड टाउन प्लानर्स" (बीपीटीपी) जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध भी नहीं थी, उसने कुछ दिन पहले नोएडा में जमीन खरीदने के मामले में बड़ी-बड़ी कम्पनियों को पीछे छोड़ दिया था लेकिन अब उसकी हालत इतनी पतली है कि जमीन बेचने वाले प्राधिकरण को चिट्ठी लिखकर जमीन के लिए दी गई अग्रिम राशि वापस मांग रही है।
कम्पनी ने मार्च 2008 में 95 एकड़ जमीन 5,006 करोड़ रुपए में खरीदी थी यानि एक एकड़ जमीन के 53 करोड़ रुपए। लेकिन कम्पनी को लगता है कि उसे घाटा हुआ है और बीपीटीपी नोएडा का भूखंड अब नहीं लेना चाहती, साथ ही अपना अग्रिम वापस लेने के लिए कम्पनी ने नोएडा प्राधिकरण को चिट्ठी लिखी।
बीपीटीपी ने 1,250 करोड़ रुपए अग्रिम दिए थे और फिलहाल नोएडा प्राधिकरण, बीपीटीपी को 21.5 एकड़ का दूसरा भूखंड दे सकती है। कम्पनी ने यह सौदा 1.31 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से किया था। जबकि नोएडा प्राधिकरण ने इससे लिए 77,000 रुपए प्रति वर्ग मीटर का भाव रिजर्व किया था। बीपीटीपी को 25 फीसदी रकम तुरंत चुकानी पड़ी थी।
कम्पनी की योजना थी कि यहां 3,000 करोड़ रुपए खर्च करके ऑफिस, खुदरा स्पेस, होटल और सर्विस अपार्टमेंट बनाएगी और यह काम अगले छः से नौ महीनों में शुरू हो जाना था लेकिन मंदी की मार ऐसी पड़ी कि सब धरा का धरा रह गया।
उस जमीन के लिए दूसरी सबसे बड़ी बोली डीएलएफ की थी। कम्पनी ने 1.17 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर का भाव लगाया था, जबकि ओमैक्स ने 80 हजार रुपए वर्ग मीटर की बोली लगाई थी।
बीपीटीपी के डायरेक्टर सुधांशु त्रिपाठी ने आज एक बयान जारी कर कहा है कि कंपनी ने जमीन वापस करने के लिए नोएडा अथॉरिटी के पास अप्लिकेशन भेजा है और अब नोएडा अथॉरिटी के फैसले का इंतजार है।


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