'एलटीटीई की हवाईपट्टी सेना के क़ब्ज़े में'

श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में सेना ने तमिल विद्रोहियों की आख़िरी हवाई पट्टी को भी अपने क़ब्ज़े में करने का दावा किया है.
ख़बरों के मुताबिक श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष के दौरान सेना तमिल विद्रोहियों की छह अन्य हवाई पट्टियों को पहले ही अपने क़ब्ज़े में ले चुकी है.
श्रीलंकाई सेना के अधिकारियों का कहना है कि हवाई पट्टी पर उन्हें कोई भी हवाई जहाज़ नहीं मिला. तमिल विद्रोहियों के पास कई हवाई जहाज़ हैं जिसका इस्तेमाल वे श्रीलंकाई सेना पर हमले के लिए करते रहे हैं.
श्रीलंका में इन दिनों सेना और स्वायत्तता की मांग कर रहे तमिल विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष छिड़ा हुआ है. ताज़ा सशस्त्र अभियान में तमिल विद्रोहियों को काफ़ी नुकसान भी हुआ है.
सैकड़ों हताहत
कुछ मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सेना और एलटीटीई के बीच संघर्ष में पिछले कुछ दिनों के दौरान सैकड़ों आम नागरिक मारे गए हैं और लाखों अन्य संघर्ष वाले इलाक़े में फँसे हुए हैं.
सहायता एजेंसियों का कहना है कि युद्ध क्षेत्र में फँसे लोग बुरे हाल में हैं और सैंकड़ों लोगों की जानें जा चुकी है. श्रीलंका सेना का कहना है कि उसने 32 वर्ग किलोमीटर में बफ़र ज़ोन बनाया है ताकि नागरिक वहाँ आ सकें. लेकिन संवाददाताओं के मुताबिक यह 'सुरक्षित इलाक़ा' उस इलाक़े में है जहाँ विद्रोहियों का नियंत्रण है.
लगभग ढाई दशक से तमिल विद्रोही अलग राष्ट्र की मांग को लेकर सशस्त्र लड़ाई लड़ रहे हैं, इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कम से कम 70 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.


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