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ईरान ने पहले उपग्रह का प्रक्षेपण किया

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ईरान ने देश में ही बनाए गए पहले उपग्रह को प्रक्षेपित कर पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया है. राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने इसे ऐतिहास कदम बताया है.ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने देश में इस्लामी क्रांति की 30वीं वर्षगांठ पर उठाए गए इस कदम को ऐतिहासिक बताया है.

ईरान के सरकारी टीवी पर घोषणा की गई कि प्रतिबंधों का सामना कर रहे देश के लिए सोमवार की रात को साफ़िर-2 रॉकेट से हुआ प्रक्षेपण वैज्ञानिकों की एक और उपलब्धि है.

प्रतिबंधों के बावजूद

ईरान पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से तकनीक संबंधी प्रतिबंध लगे हुए हैं क्योंकि अमरीका समेत कई पश्चिमी देशों ने बार-बार चिंता व्यक्त की है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्द्धन से संबंधित तकनीक हासिल कर सकता है.

लेकिन ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा से संबंधित है.

तेहरान से बीबीसी संवाददाता जोन लेइन का कहना है कि इसमें कोई शक़ नहीं कि इस कदम से पश्चिमी देशों में चिंता बढ़ सकती है. हालाँकि इस उपग्रह को ओमिड संचार उपग्रह बताया जा रहा है जिसके ज़रिए शोध हो पाएगा.

कई सरकारों में ये डर बढ़ेगा कि भविष्य में इस तकनीक के ज़रिए लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल बनाई जा सकती है जो परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम हो सकती है.

जोन लेइन के अनुसार ईरान इस चिंता पर फिर यही कहेगा कि जो तकनीक दुनिया में अनेक जगह पर आम है, उस तकनीक को विकसित करने के लिए ईरान के बारे में दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं.

पिछले साल अगस्त में ईरान ने कहा था कि उसने ईरान में ही बने उपग्रह को अंतरिक्ष में पहुँचाने में सक्षम रॉकेट प्रक्षेपित किया है.इससे पहले फ़रवरी में उसने उपग्रह को अंतरिक्ष में छोड़ने की तैयारी के तहत कदम उठाए थे और एक रॉकेट प्रक्षेपित किया था.

अक्तूबर 2005 में रूस ने ईरान के पहला उपग्रह सीना-1 प्रक्षेपित किया था.

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