• search

दो दशक में सबसे ज़्यादा हिमपात

By Staff
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    दो दशक में सबसे ज़्यादा हिमपात

    देश के दक्षिणी हिस्से में इस ख़राब मौसम का सबसे ज़्यादा असर पडा है. रेल सेवाएं ठप्प हो गयी हैं. यहां तक कि ब्रिटेन और फ्रांस को जोड़ने वाली प्रसिद्ध यूरो स्टार रेल सेवा को भी बंद कर दिया गया है.

    राजमार्गों पर अब भी घंटो तक वाहनों को इंतज़ार करना पड़ रहा है. और शहर में बहुत सी बसें और ट्यूब सेवाएँ काम नहीं कर रही हैं.

    हालांकि हवाई अड्डों को फिर से खोल दिया गया है लेकिन विमान कंपनियां सोमवार से रद्द हुई उड़ानों को पहले निपटाने में जुटी हुई हैं.

    स्कूलों की छुट्टी

    उधर वेल्स में पुलिस का कहना है कि सड़कों पर हालत बहुत खतरनाक बनी हुई है. इसी वजह से इंग्लैंड और वेल्स में हज़ारों स्कूल मंगलवार को भी बंद रहे.

    इस बार ब्रिटेन में हुई बर्फ़बारी ने पिछले 18 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

    बच्चों ने मौसम का पूरा लुत्फ़ उठाया

    लेकिन छोटे व्यापारों के लिए बुरा मौसम आर्थिक तंगहाली के दिनों में और भी बुरी खबर बनकर आया. छोटे व्यापारों के संघ के अनुसार हर दिन काम रुक जाने की वजह से बिटेन की अर्थव्यवस्था को डेढ़ अरब डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान हो रहा है.

    संघ का अनुमान है कि सोमवार को करीब 65 लाख लोग अपने कामों पर नहीं पहुंच सके. ये देश में कामगारों की कुल संख्या का पाँचवा हिस्सा है.

    लापरवाही

    ब्रितानी वाणिज्य संघ के महानिदेशक डेविड फ्रास्ट का मानना है कि प्रशासन ने ख़राब मौसम की तरफ लापरवाही दिखाते हुए ठीक से प्रबंध नहीं किए

    उन्होंने कहा, "यूरोप के सभी टीवी चैनल तस्वीरें दिखा रहे थे कि किस तरह लंदन में सब कुछ कैसे ठप्प पड़ गया है और इससे ब्रिटेन की कोई बहुत अच्छी तस्वीर नहीं पेश हो रही थी".

    "मुझे ऐसा लग रहा है कि कहीं हम बहुत ज्यादा लापरवाह तो नहीं हो गए हैं – और इसलिए जब भी ऐसा कुछ होता है तो हम एक दम बेख़बर मिलते हैं. हमें ऐसे मौसम के सामने घुटने नहीं टेकने चाहिएं बल्कि उससे निपटने के लिए तैयारी करनी चाहिए".

    वहीं विपक्षी लिबरल डैमोक्रेटिक पार्टी के परिवहन प्रवक्ता नॉर्मन बेकर का कहना था कि ये ब्रिटेन के लिए बहुत ही शर्म की बात है कि देश की व्यवस्था मौसम के सामने पस्त हो गई.

    लेकिन लंदन के मेयर बोरिस जॉनसन का कहना था कि बर्फ हटाने वाली गाड़ियों में निवेश करने में कोई अक्लमंदी नहीं है जिनका इस्तेमाल शायद ही बीस साल में एक बार हो.

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more