तो क्‍या विमान हाईजैक नहीं हुआ था?

Airbus
नई दिल्ली, 2 फरवरी: उड़ते हुए विमान में अचानक पायलट को विमान के हाईजैक होने की सुगबुगाहट लगी और उसने आपातकालीन स्थिति में विमान को नई दिल्‍ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर उतारने की अनुमति मांगी।

पायलट ने अनुमति मांगी ही थी कि सुरक्षा कर्मियों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के होश उड़ गये। आखिर विमान कैसे अपहरण हुआ।

परमीशन मिलने पर विमान आईजीआई पर उतारा गया। उतरते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सशस्‍त्र जवानों ने विमान को चारों ओर से घेर लिया। जवानों ने तत्‍परता के साथ यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया। साथ में उन लोगों को गिरफ्तार किया जिन पर अपहरण का अंदेशा था। असल में ये वे लोग थे, जिन्‍होंने उड़ते विमान में परिचालक से झगड़ा किया था।

यात्रियों ने चैन की सांस तो ली, लेकिन उनके मन में एक सवाल अभी भी घर करके बैठा है। क्‍या विमान हाईजैक नहीं हुआ था?

जी हां ये विमान हाईजैक नहीं हुआ था। हुआ यूं कि रविवार शाम 5.15 बजे जब इंडिगो का विमान ई664 जयपुर की हवाई सीमा में था, उस समय पायलट की ओर से वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) को सूचित किया गया कि कुछ यात्री आक्रामक तरीके का व्यवहार कर रहे हैं और विमान अगवा करने की धमकी दे रहे हैं।

इस सूचना पर विमान को तत्‍काल दिल्ली हवाई अड्डे पर उतारने की इजाजत दे दी गई। इंडिगो कंपनी के एक विमान के आपात स्थिति में उतरने से हवाई अड्डे पर अफरातफरी मच गई।

एक अधिकारी के मुताबिक पायलट द्वारा विमान में संदिग्ध अपहर्ता होने की सूचना देने के बाद इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा बल पहुंच गए और विमान को घेर लिया।

नागरिक उड्डयन सचिव एम माधवन नांबियार ने यहां संवाददाताओं को बताया विमान को एक किनारे पार्क किया गया और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने उसे घेर लिया।

इसके तत्काल बाद मामले पर चर्चा के लिए अपहरण निरोधी मामलों की सचिवों की समिति की कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर की उपस्थिति में बैठक बुलाई गई।

नांबियार ने कहा कि हर तरह के सुरक्षा उपाय सक्रिय कर दिए गए और सुरक्षा अधिकारियों ने जरूरी जांच पूरी कर ली। इसके बाद यात्रियों व चालक दल के सदस्यों को उतरने की इजाजत दे दी गई।

उधर सीआईएसफ के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में सुरक्षा बलों ने एक महिला समेत उन तीनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें जीतेंद्र, समीर और हरप्रीत शामिल हैं। जिन्‍होंने झगड़ा किया और अपहरण की धमकी दी।

तीनों से विभिन्‍न चरणों पर पूछताछ के बाद समीर और हरप्रीत को छोड़ दिया गया, जबकि जीतेंद्र अभी भी हिरासत में है। इस बारे में अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। कहा है कि जांच पूरी होने पर ही कुछ कहा जा सकता है।

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