कीनिया में तेल टैंकर पलटा, कई मरे

कीनिया में तेल से भरे ट्रक के पलट जाने के बाद आग लगने से क़रीब 91 लोग मारे गए हैं. ट्रक पलटने के कारणों का पता नही चला है.ट्रक के पलट जाने के बाद पहले इसमें आग लगी और फिर एक धमाका हुआ.
हालांकि अभी पता नहीं चला है कि तेल से भरी यह ट्रक क्यों और कैसे पलटी.सूत्रों के मुताबिक़ आग उस समय लगी जब सैंकड़ो लोग फैले हुए तेल को एकत्रित करने के लिए जमा हो गए थे.
आग लगने के कारणों के बारे में कई क़यास लगाए जा रहे हैं. कुछ के मुताबिक़ ये आग जलती सिगरेट से लगी तो कुछ का कहना है कि ये ख़ुद-ब-ख़ुद लग गई. मैंने अपने पुत्रों के जाने से रोका लेकिन वो ये कहते हुए दौड़ पड़े कि सभी उस तरफ़ जा रहे हैं प्रत्यत्क्षदर्शी महिला
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घटना स्थल पर मौजूद एक महिला का कहना है कि उसके दो पुत्र भी उस भीड़ में थे जो टैंकर पलटने के बाद फैले तेल की तरफ़ भागे थे और अब वो नहीं मिल रहे हैं.
महिला ने समाजार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "मैंने अपने पुत्रों के जाने से रोका लेकिन वो ये कहते हुए दौड़ पड़े कि सभी उस तरफ़ जा रहे हैं."
कीनिया के मोलो शहर में हुई इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए रिफ़्ट वैली प्रांत के पुलिस कमिश्रनर हसन नूर हसन ने कहा कि घटना स्थल पर 91 लाशें थीं और 20 लाशों के एक स्थानीय श्मशान पहुंचाया जा चुका है.
धीमी प्रतिक्रिया
कीनिया के रेड क्रॉस प्रवक्ता टाइटस मुंगवा ने बताया कि ऐसा हो सकता है कि आग का कारण जलती हुई सिगरेट हो सकती है. लेकिन एक प्रत्यक्षदर्शी ने नेशन समाचार पत्र को बताया कि ये आग उन लोगों ने लगाई थी जिन्हें पुलिस तेल ले जाने से रोक रही थी.
समाचार पत्र ने स्थिति पर समय रहते क़ाबू न पाने के लिए पुलिस की धीमी कारर्वाई की आलोचना करते हुए कहा है कि घटना के कई घंटो बाद भी आग बुझाई नहीं जा सकी है.
समाचार पत्र के मुताबिक़ मोलो शहर में आपात स्थिति के लिए फ़ायर ब्रिगेड की सुविधा न होने के कारण आग बुझाने के साधन आग लगने के कई घंटो बाद ही वहाँ पहुँच पाए.
कीनिया में पिछले दिनों में आग लगने की ये दूसरी बड़ी घटना है. कुछ दिनों पहले राजधानी नैरोबी के एक बाज़ार में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी.प्रशासन के घटना से निपटने में हो रहे विलंब की केन्या मीडिया में चौतरफ़ा आलोचना हो रही है.


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