'शांतिपूर्ण मतदान इराक़ियों की जीत'

इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने प्रांतीय असेंबलियों के लिए मतदान शांतिपूर्वक संपन्न होने पर खुशी जताई है और इसे इराक़ियों की जीत कहा है.मतदान के दौरान लोगों का उत्साह इतना था कि वोट डालने की अवधि एक घंटे के लिए बढ़ानी पड़ी.
सुन्नी समुदाय के लोगों ने भी बढ़ चढ़ कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया जबकि पिछले चुनाव में सुन्नी संगठनों ने बहिष्कार का आह्वान किया था.
वर्ष 2005 में संसदीय चुनाव होने के बाद ये किसी तरह का पहला चुनाव है. आम चुनाव इसी साल बाद में होने हैं. असेंबली चुनावों को अल मलिकी सरकार के लिए जनमत संग्रह के रुप में देखा जा रहा है.
भारी मतदान को देखते हुए समयसीमा बढ़ानी पड़ी
नूरी अल मलिकी ने ग्रीन ज़ोन में बने मतदान केंद्र में वोट डालने के बाद कहा, "यह सभी इराक़ियों की जीत है. भारी संख्या में मतदान सरकार और चुनावों में लोगों की आस्था का संकेत देगा."
बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता जिम मूर के मुताबिक शांतिपूर्ण मतदान से अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना की जल्द वापसी में मदद मिलेगी.इराक़ के 18 प्रांतों में से 14 में चुनाव हो रहे हैं और कुल 440 सीटों के लिए 14 हज़ार से ज़्यादा उम्मीदवार अपना भाग्य आज़मा रहे हैं.
कुर्द बहुल उत्तरी इलाक़े में तीन प्रांत अर्ध स्वायत्त हैं और वहाँ चुनाव नहीं हो रहे हैं. किरकुक में चुनाव टाल दिए गए हैं. प्रांतीय असेंबलियाँ गवर्नर का चयन करती हैं जिनके हाथों में प्रशासन की मुख्य ज़िम्मेदारी होती है.


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