कांग्रेस: राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन नहीं

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यसमिति की अहम बैठक में गठबंधन को लेकर पार्टी ने अपना रुख़ स्पष्ट किया है और चुनाव तैयारियों पर चर्चा की है.
कार्यसमिति की अहम बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "राष्ट्रीय स्तर पर हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा. हालाँकि राज्य स्तर पर हमारे गठबंधन सहयोगी है और उनके साथ सीटों पर तालमेल किया जाएगा."
माना जा रहा है कि कई राज्यों में क्षेत्रीय सहयोगियों की ओर से सीटों को लेकर बढ़ते दबाव के कारण कांग्रेस ने यह फ़ैसला किया है.
राष्ट्रीय स्तर पर हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा. हालाँकि राज्य स्तर पर हमारे गठबंधन सहयोगी है और उनके साथ सीटों पर तालमेल किया जाएगा पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी
| |
दरअसल शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी और समाजवादी पार्टी जैसे कांग्रेस के सहयोगी दल अपने प्रभाव वाले राज्यों के अलावा दूसरे राज्यों में भी सीटों की मांग कर रहे हैं.
पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "गठबंधन नंबरों का खेल है. किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं, ये इस पर निर्भर करता है. चुनाव के बाद ही ये स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. मान लीजिए कि कांग्रेस को अकेले दम पर बहुमत मिल जाता है, तो स्थिति अलग होगी."
यह पूछे जाने पर कि क्या संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) टूट रहा है, उन्होंने कहा, "यूपीए तो है लेकिन यूपीए चुनाव नहीं लड़ता, यूपीए की पार्टियाँ चुनाव लड़ती हैं."
तालमेल
जनार्दन द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग स्तर पर सीटों का बँटवारा होगा. गठबंधन नंबरों का खेल है. किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं, ये इस पर निर्भर करता है. चुनाव के बाद ही ये स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. मान लीजिए कि कांग्रेस को अकेले दम पर बहुमत मिल जाता है, तो स्थिति अलग होगी जनार्दन द्विवेदी
| |
उन्होंने बताया कि हर राज्य में पार्टी प्रमुख वहाँ की स्थिति को देखते हुए उस राज्य की सहयोगी पार्टी से विचार-विमर्श करेंगे और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के सहयोग से फ़ैसला करेंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में आने वाले लोकसभा चुनाव की चर्चा की और ये भी जानकारी दी कि पार्टी क्या तैयारी कर रही है.
सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जल्दी स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामना दी. दिल के ऑपरेशन के बाद मनमोहन सिंह अब भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में ही हैं.
ऐसा पहली बार हुआ कि पार्टी की कार्यसमिति की बैठक से वे अनुपस्थित रहे.पार्टी प्रवक्ता और महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने बताया कि बैठक का कोई एजेंडा नहीं था लेकिन इसमें मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई.


Click it and Unblock the Notifications